रेलवे में नौकरी मिलने से सोनू की चोट पर मलहम लग जायेगा!
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से अपराध का नाग बुरी तरह से अपन फन फैलाये लोगों को खासकर महिलाओं को डस रहा है। साथ ही सोनू की घटना ने ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के सवाल खड़े कर दिये है। रेलवे प्रशासन ने अपना पल्ला झाड़ते हुए राज्य सरकार पर जिम्मेदारी छोड़ दी है, लेकिन अब आप आप ही बताइये आखिर सोनू का कसूर क्या है?
उसका जुर्म सिर्फ इतना है कि वो वो एक महिला है। गौरतलब है कि नोएडा में खेल कोटे से सीआईएसएफ में नौकरी की खातिर इंटरव्यू देने के लिए सोनू लखनऊ से दिल्ली आ रही थीं। पद्मावत एक्सप्रेस में चनहेटी और बरेली रेलवे स्टेशनों के बीच ट्रेन में सवार तीन लुटेरे यात्रियों से लूटपाट कर रहे थे। इसी दौरान लुटेरों ने सोनू की सोने की चेन खींचने की कोशिश की और विरोध करने पर उसे चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया। दूसरी ओर से आ रही एक अन्य ट्रेन से उसकी बायीं टांग कट गई। सोनू को बरेली के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
वहीं, उत्तर प्रदेश के डीजीपी (लॉ ऐंड ऑर्डर) बृजलाल का कहना है कि रेल के जनरल श्रेणी के डिब्बे में सवार सोनू दरवाजे के पास बैठी थी और चेन खींचे जाने पर असंतुलित होकर चलती ट्रेन से नीचे जा गिरी। दूसरी तरफ, रेलवे अधिकारी ए.के. जैन का कहना है कि ट्रेन के डिब्बे में लड़ाई छिड़ गई थी और सोनू की लुटेरों से झड़प हो गई। सोनू को ट्रेन से धक्का दिया गया या वह दुर्घटनावश गिरी, यह जांच में ही पता चल पाएगा। खैर इसे हम जंगल राज ही कह सकते है क्योंकि अभी तक पुलिस ने उन तीनों लुटेरें दरिंदों को अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है।













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