9 मार्च को उड़ान नहीं भर पायेगें एयर इंडिया के विमान

इस पर पायलटों ने प्रबंधन को भरोसा दिलाया कि वे हड़ताल के बावजूद भारतीयों को किसी भी देश से लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। लेकिन प्रबंधन को उनकी मांगों पर भी ध्यान देना चाहिए। मांगों के बारे में बता दे कि एयर इंडिया वर्तमान में कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है और पीछले सात माह से उसने पायलटों को वेतन नहीं दिया है। इतना ही नहीं इंडियन एयर लाइन्स के पायलट चाहते हैं कि उनका वेतन एयर इंडिया के पायलटों के बराबर हो।
पायलटों की मांग है कि एक कंपनी में एक ही पद पर वेतन को लेकर सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। बताते चलें कि पुराने इंडियन एयरलाइंस के पायलटों ने 23 फरवरी को 9 मार्च को हड़ताल पर जाने की घोषणा की थी। उल्लेखनीय है कि इंडियन एयरलाइंस का एयर इंडिया में विलय हो चुका है। इंडियन कमर्शियल पायलट्स एसोसिएशन (आईसीपीए) ने एयर इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अरविंद जाधव को एक सूचना भेजकर कहा था कि बेहतर कार्यपरिस्थिति, समान वेतन की उनकी मांग पूरी नहीं की जाने के कारण वे हड़ताल पर जाएंगे।
आईसीपीए के महासचिव ऋषभ कपूर ने कहा कि उन्होंने नियमों के मुताबिक 14 दिन पहले हड़ताल की सूचना भेज दी है। जाधव ने कर्मचारी के नाम एक खुला पत्र जारी करते हुए कहा है कि कम्पनी अभी वित्तीय कठिनाई से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि मुश्किलों से बाहर निकलने के लिए यह मिलकर काम करने का समय है। उन्होंने कर्मचारी संघों को नागरिक उड्डयन मंत्री व्यालार रवि के साथ मुद्दों पर विचार करने के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित किए जाने के सुझाव को स्वीकार करने के लिए धन्यवाद दिया।












Click it and Unblock the Notifications