ज़ाविया में मौतें, गद्दाफ़ी की चेतावनी

लीबिया में पिछले कुछ हफ्तों से गद्दाफ़ी का ज़बर्दस्त विरोध हो रहा है. लीबिया में कर्नल गद्दाफ़ी के वफ़ादार सैनिकों पर आरोप लगा है कि उन्होंने विद्रोहियों के कब्ज़े से ज़ाविया शहर को मुक्त करने की कोशिशों के दौरान आम लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलाई हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इस गोलीबारी में कम से कम 30 लोग मारे गए हैं जिसमें से अधिकतर आम नागरिक थे. एक स्थानीय डॉक्टर का कहना था कि भाड़े के सैनिकों ने टैंक और मशीन गनों से उन सभी पर गोलियां चलाई जो अपने घरों से निकले थे और इस फायरिंग में उनकी बेटी की मौत हो गई.
इससे पहले ज़ाविया के लोगों ने बीबीसी को बताया था कि शहर के बीचोबीच गोलीबारी कर रहे सरकारी टैंक कुछ समय पहले वहां से हट गए थे. ये टैंक क्यों हटे थे इसका कारण किसी को नहीं पता था. इस गोलीबारी और आगजनी में ज़ाविया की कई इमारतें नष्ट हो गई हैं. ज़ाविया पर अधिकार जमाना कर्नल गद्दाफ़ी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शहर राजधानी त्रिपोली से ज़्यादा दूर नहीं है.
पलायन
उधर लीबिया से विदेशियों का पलायन जारी है. अमरीका ने कहा है कि वो हज़ारों की संख्या में पलायन कर रहे विदेशी नागरिकों की मदद के लिए चलाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय अभियान को और तेज़ कर रहे हैं.
विदेश विभाग के अनुसार पलायन के प्रयासों का समन्वय कर रहे अंतरराष्ट्रीय संगठन को अमरीका ने तीस लाख डॉलर की मदद भी दी है.
शनिवार को ही अमरीका के चार सैन्य परिवहन विमानों ने लीबिया से ब़ी संख्या में मिस्र के नागरिकों को निकाला जो सड़क मार्ग से लीबिया की सीमा पार कर ट्यूनीशिया पहुंचे थे.
इसी बीच कनाडा की सरकार ने कहा है कि उसकी सेना भी लीबिया से कई कनाडाई नागरिकों और कुछ अन्य देशों के नागरिकों को माल्टा लाई है. पिछले कुछ दिनों से कई देश विदेशी नागरिकों को लीबिया से निकालने के लिए विमान सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं.
लीबिया की राजधानी त्रिपोली के पश्चिम में स्थित ज़ाविया शहर पर विद्रोहियों ने कब्ज़ा कर लिया था जिसके बाद गद्दाफ़ी के प्रति वफादार सैनिकों ने इस इलाक़े पर अपना कब्ज़ा करने की कोशिश की.
गद्दाफ़ी की चेतावनी
इस बीच कर्नल गद्दाफ़ी ने एक फ्रेंच अख़बार को दिए इंटरव्यू में पश्चिमी देशों को चेतावनी दी है कि अगर विद्रोह के दौर में पश्चिमी देश उनकी मदद नहीं करेंगे तो पश्चिमी देशों को बड़ी संख्या में शरणार्थियों का सामना करना पड़ेगा.
गद्दाफ़ी का कहना था कि लीबिया में जारी विद्रोह अल क़ायदा से प्रेरित है और इससे निपटने में पश्चिमी देशों को उनकी मदद करनी चाहिए. फ्रेंच अख़बार ल जर्नल डू डिमांच के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि अस्थिर लीबिया ओसामा बिन लादेन के हाथ में जा सकता है. इससे पहले कर्नल गद्दाफ़ी के विरोधियों ने नेशनल काउंसिल बनाकर एक समानांतर सरकार की घोषणा भी कर दी है और कहा कि यही काउंसिल लीबिया की लोगों की भावनाओं का सही प्रतिनिधित्व करती है.
इस काउंसिल की अगुआई मुस्तफ़ा अब्दल जलील कर रहे हैं और उम्मीद है कि इसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिल जाएगी. जलील का कहना था कि वो लीबिया की धरती पर विदेशी सैनिक नहीं चाहते लेकिन कर्नल गद्दाफ़ी को सत्ता से हटाने के लिए विदेशी ताकतों को हवाई हमले करने चाहिए.












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