बढ़ती जा रही है शरणार्थियों की संख्या

बढ़ती जा रही है शरणार्थियों की संख्या
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने लीबिया में फंसे लोगों को निकालने की कोशिशें भी तेज़ कर दी हैं. गद्दाफ़ी के ख़िलाफ़ बढ़ते जन आक्रोश के बीच लीबिया की सीमा से सटे ट्यूनिशिया में स्थिती खराब होती जा रही है. ट्यूनिशिया की सीमा पर पलायन करने वालों का जमावड़ा लग गया है. इन शरणार्थिंयों को मदद पहुंचाने के लिए अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोशिशें तेज़ कर दी गई हैं.

मिस्र के आंदोलन के चलते पहले ही यहां भारी संख्या में लोग मौजूद थे और अब हिंसाग्रस्त लीबिया से भी लोग पलायन कर रहे हैं. साथ ही लीबिया में फंसे लोगों को निकालने की कोशिशें भी तेज़ कर दी गई हैं. रविवार को 17 हवाई उड़ानों के ज़रिए कई हज़ार अप्रवासियों ने सीमा पार की. इनमें से आधे से ज़्यादा मिस्रवासी हैं. उम्मीद की जा रही है कि सोमवार को कई और जहाज़ व विमान अप्रवासियों को लीबिया से लाएंगे.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक रविवार को ही 12 हज़ार से ज़्यादा लोगों ने पलायन किया. ये लोग कड़ाके की ठंड के बावजूद खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं. संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी के मुताबिक लिबिया छोड़ रहे इन लोगों को जल्द से जल्द खाने और रहने की जगह की ज़रूरत है.

लगभग एक लाख लोग लीबिया में प्रदर्शनों के चलते भाग कर ट्यूनिशिया आ गए हैं. सरकार इतनी भारी संख्या में शरणार्थियों का समना नहीं कर पा रही है. संयुक्त राष्ट्र में शरणर्थी मामलों के आधिकारी फिरास कयाल ने कहा, ''संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी संस्था ट्यूनिशिया की स्थिती से बेहद चिंतित है. हमने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की गुहार लगाई है. यहां मानवीय संकट पैदा हो गया है. ''

सुरक्षा परिषद में कर्नल गद्दाफ़ी की विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगाने और उनके समर्थकों और परिवारजनों की संपत्ति जब्त करने पर भी सहमति हुई है. सुरक्षा परिषद ने लीबिया में हाल में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कथित तौर पर हुई ज़्यादतियों को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय में भेजने की मंजूरी दी है.

चीन ने लीबिया को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय में भेजने का विरोध किया था लेकिन चीन ने प्रस्ताव को वीटो नहीं किया. जहाँ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने लीबियाई नेता कर्नल गद्दाफ़ी, उनके परिवारजनों और सहयोगियों के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाए हैं, वहीं त्रिपोली से 30 मील दूर स्थित ज़ाविया शहर पर गद्दाफ़ी विरोधियों ने कब्ज़ा कर लिया है.

लीबिया की सरकार रविवार सुबह पत्रकारों को ज़ाविया लेकर गई लेकिन वहाँ सरकारी सुरक्षाबलों की जगह विरोधी लड़ाकों ने नाके लगा रखे थे. एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि गद्दाफ़ी के समर्थक ज़ाविया की घेराबंदी कर रहे हैं लेकिन ज़ाविया के अंदर प्रदर्शनकारियों ने हवाई फ़ायर भी किए हैं.

लीबियाई नेता कर्नल गद्दाफ़ी के बेटे सैफ़ अल इस्लाम ने चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शन ऐसे ही चलते रहे तो इससे लीबिया बिखर सकता है और उसके बाद लंबे समय तक स्थायित्व नहीं आ पाएगा. सैफ़ अल इस्लाम ने पुरानी बातें दोहराते हुए कहा कि ये प्रदर्शन इस्लामी चरमपंथियों की वजह से हो रहे हैं जिन्होंने नागरिकों को अपने कब्ज़े में कर लिया है.

उन्होंने कहा, '"पहली बात तो यह है कि हमने किसी ताकत का इस्तेमाल नहीं किया है. दूसा ये कि हमारे साथ काफ़ी लोग हैं, इसलिए हम त्रिपोली में हैं. क्या आपको लगता है कि दस-पांच हज़ार लोगों के कहने में आकर गद्दाफ़ी को सत्ता छोड़ देनी चाहिए. ऐसा कतई नहीं है कि लीबिया का पूरा आवाम ही गद्दाफ़ी के खिलाफ़ है.

ब्रिटेन की सरकार ने अपने देश में गद्दाफ़ी और उनके परिवार की संपत्ति को ज़ब्त कर लिया है. हालांकि अभी यह जानकारी नहीं मिल पाई है गद्दाफ़ी की ब्रिटेन में कितनी संपत्ति है पर ऐसा माना जा रहा है यह संपत्ति कई लाख डॉलर है. अमरीका और स्विट्ज़रलैंड पहले ही अपने देशों में मौजूद गद्दाफ़ी के खातों को सील कर चुके हैं.

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