कांग्रेस से भिड़ कर राजनीति भी सीख गए बाबा रामदेव

आप सोच रहे होंगे कांग्रेस ने कैसे बाबा को राजनीति सिखा दी। असल में यहां पर कांग्रेस वो नदी है, जिसमें कूद कर बाबा खुद-ब-खुद राजनीति की बारीकियां सीख गये हैं। आपको पता होगा कि बाबा रामदेव पहले सिर्फ एक टीवी चैनल के माध्यम से अपने भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का डंका पीट रहे थे, तभी कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने रॉकेट रूपी बयान उन पर छोड़ दिया। जिसके बाद वो तिलमिला गये।
दिल्ली में भ्रष्टाचार विरोधी रैली में जहां देश भर के सामाजिक कार्यकर्ता व शहीद भगत सिंह व राज गुरु के परिवार वाले मौजूद थे, बाबा पहुंच गये और अपनी पूरी भड़ास निकाल डाली। रैली में बाबा रामदेव ने कांग्रेस को ठीक उसी तरह ललकारा है, जिस तरह आये दिन मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश में मायावती को ललकारते हैं। अब देखना यह है कि बाबा की ललकार दूर तक जाकर भ्रष्टाचारियों को लोगों के कदमों में ला पटकती है, या फिर मुलायम सिंह की तरह उनका भी हाल होगा। वे आज तक मायावती के खिलाफ सिर्फ बयानबाजी ही करते आये हैं, उनका एक भी अभियान सफल नहीं हुआ। मंच पर जिस तरह से बाबा ने कांग्रेस की ओर इशारा करते हुए उसे 99 प्रतिशत भ्रष्ट पार्टी कहा है, उसके लिए बाबा को अब अपनी बातें सिद्ध करना होगा।
हम आपको बता दें कि बाबा पिछले पंद्रह दिनों से रट लगाये हुए हैं कि उनके पास भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ सबूत वो सबूत हैं, जो स्टिंग ऑपरेशन में इकठ्ठा किये गये हैं, लेकिन आज तक एक भी नेता के बारे में खुलासा नहीं कर सके। बाबा ने अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने की भी घोषणा की थी, अगर कांग्रेस के खिलाफ बयान देकर वे सिर्फ सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं, तो उनकी पार्टी भी देश का उद्धार नहीं कर पायेगी।
बाबा हम मीडिया वालों की आप से यही गुज़ारिश है, कि अगर आप के पास वाकई में किसी नेता के खिलाफ सबूत हैं तो उन्हें जल्द से जल्द देश के सामने लायें। इस नेक काम में सिर्फ जनता ही नहीं बल्कि राजनेताओं को छोड़ लोकतंत्र के बाकी तीनों स्तंभ (लोक प्रशासन, मीडिया और न्यायपालिका) भी आपका खुलकर साथ देगी। हां अगर आप इसमें विफल हो गये तो लोग आपको भी 'बाबा रामदेव' कहना छोड़ 'नेता रामदेव' बुलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।












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