रेल बजट पश्चिम बंगाल पर फोकस करेंगी ममता बनर्जी!

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में वाम दलों को टक्कर देने के लिए तृणमूल कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए ममता बनर्जी के पास फिलहाल एक बड़ा तीर रेल बजट के रूप में ही दिख रहा है। यदि पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए विशेष सुविधाओं की घोषणा होती है तो उनका वोटबैंक वहां जरूर मजबूत होगा। यही नहीं इस चुनाव को देखते हुए यात्री किराए के बढ़ने की संभावना भी काफी कम है।
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इस बजट से उम्मीदों की बात करें तो इस बार कुल 30,000 किलोमीटर रेल मार्ग के दोहरीकरण की घोषणा की जा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले दो सालों के बजट में ममता द्वारा घोषित ट्रेनें चलाई गई हैं और यात्रियों की सुविधाओं में भी वृद्धि की गई है। ममता ने 2009-10 के बजट में 122 नई ट्रेनों की घोषणा की थीं। साल 2010-11 के बजट में ममता ने 54 नई ट्रेनों की घोषणा की थी।
रेल मंत्री के सामने हालांकि सबसे बड़ी चिंता रेलवे की वित्तीय हालत है, जिसे उनके पूर्व मंत्री लालू यादव ने उदाहरणीय बनाने का दावा किया था और जिसकी हार्वर्ड जैसे प्रबंधन संस्थानों में मिसाल दी जा रही थी।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सीताराम येचुरी ने नई दिल्ली में ममता पर कटाक्ष करते हुए संवाददाताओं से कहा कि देश में पहली बाद ममता ने असम्भव को सम्भव कर दिखाया है। ममता ने वस्तुत: रेलवे को दीवालिया बना दिया है। इसके साथ ही ट्रकों के मुकाबले रेलवे की ढुलाई में भी पिछले दो सालों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है।












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