उल्फा से शांति वार्ता सकारात्मक कदम : प्रधानमंत्री
असम से राज्यसभा सदस्य प्रधानमंत्री ने कहा, "मुझे खुशी है कि उल्फा नेताओं के साथ शांति वार्ता शुरू हो चुकी है और मुझे विश्वास है कि सिर्फ बातचीत से ही राजनितिक एवं आर्थिक समस्याओं को हल किया जा सकता है। उल्फा के साथ शांति वार्ता असम के लिए बहुत ही सकारात्मक कदम है।"
मनमोहन सिंह ने प्रसिद्ध पत्रकार, जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता एवं असम के हेम भराली क्षेत्र के गांधीवादी विचारक एम.जे. अकबर को फखरुद्दीन अली अहमद सम्मान प्रदान करने के बाद यह बात कही।
सम्मान ग्रहण करने के बाद अकबर ने कहा, "मैं कहना चाहूंगा कि यह राज्य सभी मामलों में काफी प्रगति का साक्षी है।" अकबर को सम्मानस्वरूप प्रशस्ति-पत्र, उपहार एवं 200,000 रुपये का चेक प्रदान किया गया।
प्रधानमंत्री ने इसी समारोह में 1,600 करोड़ रुपये की गुवाहाटी जलापूर्ति परियोजना की आधारशिला भी रखी।
उन्होंने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि यह जलापूर्ति परियोजना राज्य की इस राजधानी के लोगों के संकट को कम करेगी।"
समारोह में मुख्यमंत्री तरुण गोगोई भी मौजूद थे।
इससे पहले प्रधानमंत्री ने अपने सांसद स्थानीय क्षेत्रीय विकास निधि की राशि से प्रीमियर आर्या विद्यापीठ स्कूल परिसर में निर्मित सभागार का उद्घाटन किया।
प्रधानमंत्री रात में राजभवन में गोगोई के नेतृत्व वाली मंत्रिपषिद के साथ बैठक करेंगे, जिसमें वह सुरक्षा स्थिति के अलावा विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
शनिवार को मनमोहन सिंह जोरहाट में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन की आधारशिला रखेंगे तथा जनसभा को संबोधित करेंगे।
इसके बाद प्रधानमंत्री निकटवर्ती शिवसागर शहर में राजीव गांधी पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट की आधारशिला भी रखेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री शनिवार को दोपहर बाद जोरहाट से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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