डेविस देश छोड़कर न जा पाए : पाकिस्तानी न्यायालय (लीड-1)
लाहौर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश इजाज अहमद चौधरी गुरुवार को रेमंड की राजनयिक संरक्षण की मांग को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। सुनवाई के दौरान उन्होंने पाकिस्तान सरकार को यह निर्देश दिया।
समाचार पत्र 'डॉन' के मुताबिक चौधरी ने कहा कि जब तक याचिका पर सुनवाई पूरी नहीं हो जाती तब तक रेमंड के छोड़े जाने पर पाबंदी रहेगी।
डिप्टी अटार्नी जनरल नावीद इनायत मलिक की अपील पर न्यायालय ने पाकिस्तान सरकार को 14 मार्च तक अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने की इजाजत दी लेकिन आरोपी के प्रत्यर्पण पर रोक लगा दी।
डेविस को अवैध हथियार रखने के मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। गत 25 जनवरी को लाहौर के एक चौराहे पर दो पाकिस्तानी नागरिकों की हत्या करने पर रेमंड को गिरफ्तार किया गया।
रेमंड ने कहा कि उसने आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं क्योंकि दोनों व्यक्तियों ने उसे लूटने का प्रयास किया। इस बीच रेमंड को लेकर पाकिस्तानी मीडिया में रिपोर्टे आईं कि वह जासूस है।
इससे पहले एडवोकेट जनरल ख्वाजा हैरिस ने पंजाब सरकार की ओर से न्यायालय में एक रिपोर्ट जमा की और कहा कि आरोपी के राजनयिक दर्जे का मसला हल करना केंद्र सरकार के दायरे में है।
जबकि अमेरिका ने राजनयिक संरक्षण का दावा करते हुए रेमंड की रिहाई की मांग की है। उसकी इस मांग पर पाकिस्तान सरकार ने न्यायालय के फैसले की प्रतीक्षा करने के लिए कहा है।
डेविस की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्तों में कड़वाहट बढ़ी है। अमेरिका रेमंड को रिहा न करने पर पाकिस्तान को चेता चुका है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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