करुणनिधि परिवार के चैनल के दफ्तर पर सीबीआई छापा
चेन्नई। 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के परिवार द्वारा संचालित कलैगनर टीवी के दफ्तर पर शुक्रवार सुबह केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने छापेमारी की।छापेमारी के सम्बंध में सीबीआई के अधिकारियों ने हालांकि कोई प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन टीवी चैनल के अधिकारियों ने कहा कि वे इस बारे में बयान जारी करेंगे।
टीवी चैनल, सिनेयुग फिल्म्स के साथ 200 करोड़ रुपये के ऋण के लेन-देन को लेकर सीबीआई की जांच के दायरे में है। सिनेयुग फिल्म्स, स्वान टेलीकॉम के शाहिद उस्मान बलवा से जुड़ी है। बलवा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
कलैगनर टीवी को संचालित करने वाली कम्पनी की प्रमुख प्रोमोटर और मुख्यमंत्री करुणानिधि की बेटी कनिमोझी ने कहा, "टेलीविजन चैनलों पर दिखाए जा रहे छापेमारी के बारे में मुझे पता नहीं है।"
सिनेयुग के साथ लेन-देन के बारे में उन्होंने कहा, "कम्पनी के प्रमुख शरद कुमार ने लेन-देन के बारे में विस्तृत बयान जारी किया है। मैं नहीं जानती कि यह सब कैसे दूरसंचार कम्पनियों से जुड़ा हुआ है।"
कम्पनी ने प्रबंध निदेशक शरद कुमार ने बुधवार को अपने बही-खाते की जांच के लिए जांच एजेंसियों का स्वागत करने की बात कही थी।
अपने 10 फरवरी को जारी बयान का जिक्र करते हुए कुमार ने कहा, "स्पष्टीकरण के बावजूद सीबीआई ने अदालत में ऋण के लेनदेन का जिक्र किया है।" बयान में शरद ने कहा था कि कलैगनर टीवी का 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन और सिनेयुग फिल्म्स के साथ ऋण के लेनदेन से कोई सम्बंध नहीं है।
सीबीआई ने स्वान टेलीकॉम के बलवा और कलैगनर टीवी के बीच सांठगांठ का आरोप लगाया है।
न्यायालय में बलवा की रिमांड बढ़वाने के लिए सीबीआई ने दावा किया था कि पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए. राजा ने स्पेक्ट्रम आवंटन में बलवा को फायदा पहुंचाया।
कुमार के मुताबिक वर्ष 2009 में कलैगनर में हिस्सेदारी खरीदने के लिए सिनेयुग ने कुछ अग्रिम राशि का भुगतान किया था।
कुमार ने कहा, "दोनों कम्पनियों के शेयर मूल्य में अंतर के कारण अगस्त 2009 तक 200 करोड़ रुपये हासिल किए गए और इसे ऋण माना गया। बाद में 31 करोड़ रुपये के ब्याज के साथ कलैगनर टीवी ने इस राशि को लौटा दिया।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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