उल्फा नेता शांति वार्ता के लिए चिदम्बरम से मिले
नई दिल्ली। प्रतिबंधित युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के नेताओं ने बहुप्रतीक्षित शांतिवार्ता शुरू करने के लिए गुरुवार को यहां पहली बार केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम से मुलाकात की।उल्फा अध्यक्ष अरबिंद राजखोवा के नेतृत्व में आठ सदस्यीय उल्फा के दल ने नॉर्थ ब्लॉक स्थित कार्यालय में चिदम्बरम से मुलाकात की।
उल्फा नेताओं और चिदम्बरम के बीच हुई बातचीत का ब्योरा तो उपलब्ध नहीं हो पाया, लेकिन गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि यह बैठक मूलत: परिचयात्मक थी।उल्फा के दल ने बाद में केंद्रीय गृह सचिव जी. के. पिल्लै के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।
एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि पिल्लै के साथ बैठक दोनों पक्षों की ओर से 'बिना शर्त' शांति प्रक्रिया शुरू किए जाने को लेकर हुई। "यह प्रारम्भिक और अभिज्ञता की कवायद थी।"
बहुप्रचारित इस वार्ता की राह में रोड़ा अभी भी अटका पड़ा है, क्योंकि उल्फा के प्रमुख कमांडर परेश बरुआ ने कथित तौर पर शांति प्रक्रिया की कवायद को खारिज कर दिया है।उल्फा के स्वयंभू विदेश सचिव शशधर चौधरी ने चिदम्बरम एवं पिल्लै से मुलाकात के बाद संवाददाताओंको बताया कि मुलाकात रचनात्मक रही।
उन्होंने कहा कि उल्फा राजनीतिक वार्ता के जरिए असम में समाधान चाहता है।उल्फा के आठ शीर्ष नेता शांति वार्ता के लिए सरकार द्वारा जमानत पर रिहा किए गए हैं।उल्लेखनीय है कि उल्फा असम में विद्रोही संगठन है, जिसकी स्थापना 1979 में हुई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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