अमेरिका के निशाने पर लश्कर-ए-तैयबा
वाशिंगटन, 10 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका अब पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन और मुम्बई आतंकी हमले में शामिल लश्कर-ए-तैयबा के खिलाफ अभियान चलाएगा क्योंकि यह संगठन अमेरिका और यूरोप के लिए खतरा बन सकता है।
राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधी केंद्र के निदेशक माइकल लेटर ने मंगलवार को कहा, "पाकिस्तान में अब हम अपना ध्यान वर्ष 2008 में मुम्बई में हुए आतंकी हमलों में शामिल आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की ओर लगाएंगे। यह संगठन दक्षिण एशिया में कई हितों के लिए खतरा पैदा कर रहा है।"
उन्होंने कहा, "लश्कर ने हालांकि अब तक पश्चिम में आतंकवादी हमलों को अंजाम नहीं दिया है। लेकिन इस संगठन के पास प्रशिक्षित आतंकवादी हैं, जो आतंकी हमलों में शामिल रहे हैं और यह संगठन अमेरिका और यूरोप के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।"
लेटर ने कहा कि लश्कर इस क्षेत्र को अस्थिर करने के लिए भारत के अलावा कश्मीर में भी पहले कई बार हमले कर चुका है, जिससे दोनों देशों के बीच सम्बंधों में तनाव पैदा हुआ।
भारत में अक्षरधाम मंदिर और भारतीय संसद पर हुए आतंकी हमलों सहित कुछ बड़े आतंकवादी हमलों में शामिल लश्कर और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के बीच सम्बंधों के पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।
लेटर ने कहा, "इस बात ने हमारी चिंता बढ़ा दी है कि अफगानिस्तान में गठबंधन सेनाओं के खिलाफ हो रहे हमलों में लश्कर की भूमिका बढ़ रही है।"
पाकिस्तान में अब अलकायदा, तालिबान, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और हक्कानी नेटवर्क के अलावा लश्कर को भी निशाने पर लिया जाएगा।
लेटर ने कहा कि पाकिस्तान में पिछले कई वर्षो से अलकायदा के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान अलकायदा को काफी क्षति उठानी पड़ी है और पिछले दो सालों के दौरान हमने अपने अभियान को और तेज किया है। उन्होंने कहा कि 'अलकायदा पाकिस्तान में हमारा सबसे बड़ा दुश्मन है।'
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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