सीवीसी की नियुक्ति पर सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रखा
ताड़ तेल आयात घोटाले में थॉमस के खिलाफ आरोपपत्र दाखिए होने और उनके एक विवाद रहित लोक सेवक नहीं होने के आधार पर सीवीसी के रूप में उनकी नियुक्त को चुनौती दी गई है।
प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति एच. एस. कपाड़िया, न्यायमूर्ति के. एस. राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की खंडपीठ ने कहा कि वे सभी विवादास्पद मुद्दों का समाधान चाहते हैं ताकि यह मामला भविष्य में अदालत के समक्ष न आए।
याचिकाकर्ता सेंटर फॉर पब्लिक इंट्रेस्ट लिटिगेशन (सीपीआईएल) की ओर से अदालत में उपस्थित वरिष्ठ वकील शांतिभूषण ने जोर दिया कि सीवीसी की नियुक्ति समिति को विपक्ष के नेता के विचार पर ध्यान देना चाहिए।
इस पर अदालत ने कहा कि क्या याचिकाकर्ता विपक्ष के नेता को वीटो का अधिकार देने के पक्ष में हैं। इसके बाद सभी पक्षों को एक सप्ताह के भीतर लिखित में अपनी बात कहने को कहा गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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