पूर्वोत्तर के मुद्दों पर केंद्र का ध्यान आकृष्ट करेगा साझा मंच
नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ), मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता एवं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पी.ए. संगमा ने पिछले सप्ताह नई दिल्ली में बैठक की तथा पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के समान मुद्दों को रेखांकित करने के लिए एक क्षेत्रीय मंच के गठन का निर्णय लिया।
एमएनएफ नेता जोडिंग सांगा ने संवाददाताओं से कहा, "राष्ट्रीय राजधानी में 20 फरवरी को एक और सम्मेलन होगा, जिसमें सभी क्षेत्रीय पार्टियों के नेता एवं पूर्वोत्तर राज्यों के सांसद प्रस्तावित मंच को अंतिम रूप देंगे।"
उन्होंने कहा कि 20 फरवरी के सम्मेलन में क्षेत्रीय पार्टियों की रणनीति भी तय की जाएगी।
गौरतलब है कि एनएफपी नागालैंड में सत्तारूढ़ डेमोकेट्रिक एलायंस ऑफ नागालैंड (डीएएन) का प्रमुख घटक है, जबकि एमएनएफ, कांग्रेस शासित मिजोरम में मुख्य विपक्षी दल है।
इसी तरह राकांपा, कांग्रेस शासित मेघालय में मुख्य विपक्षी दल है। यह पार्टी केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में साझेदार है।
एमएनएफ नेता सांगा ने कहा, "क्षेत्रीय पार्टियों के नेताओं ने बैठक में निर्णय लिया कि इस वर्ष अप्रैल में संभावित विधानसभा चुनाव से पहले नए मंत्र का गठन कर लिया जाएगा।"
उन्होंने कहा, "यदि सभी मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय पार्टियां एक छतरी के तले आ जाएं तो वे राष्ट्रीय पार्टियों को प्रभावित कर सकती हैं और क्षेत्र की समस्याओं की ओर केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट कर सकती हैं।"
बैठक में एमएनएफ के अध्यक्ष एवं मिजोरम के पूर्व मुख्यमंत्री जोरामथांगा और नागालैंड के मुख्यमंत्री एवं एनपीएफ प्रमुख नीफू रियो ने भी भाग लिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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