शीतल पेय पदार्थो पर दोबारा बनेगी समिति (लीड-1)
नई दिल्ली, 8 फरवरी (आईएएनएस)। खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसए) ने मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि शीतल पेय पदार्थो में इस्तेमाल किए जाने वाले रसायनों के हानिकारक प्रभावों का पता लगाने के लिए वह विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों की समिति का दोबारा गठन करेगा।
एफएसएसए की मौजूदा विशेषज्ञ समिति में शीतल पेय पदार्थ के कारोबार से जुड़े लोग भी शामिल हैं जिसे लेकर न्यायालय ने प्रतिकूल टिप्पणियां दीं।
'सेंटर फॉर पब्लिक इंटेरेस्ट लिटिगेशन' (सीपीआईएल) की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि मौजूदा समिति खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के विपरीत है। अधिनियम एक स्वतंत्र 'समिति' का पक्ष लेती है।
न्यायाधीश न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी एवं न्यायमूर्ति ए.के. गांगुली की पीठ ने कहा, "प्रशांत भूषण की चिंताएं अच्छी तरह स्थापित हैं कि समिति स्वंतत्र नहीं है।"
न्यायालय ने कहा, "विशेषज्ञों की समिति प्रथम दृष्ट्या अधिनियम का उल्लंघन करने वाली है।"
न्यायमूर्ति गांगुली ने 100 सदस्यों वाली वर्तमान समिति के बारे में कहा, "यह बहुत बड़ी और बेतुकी है।" इस समिति का गठन पांच अक्टूबर 2009 को किया गया।
न्यायालय ने टिप्पणी की कि खाद्य उद्योगों एवं पेय पदार्थो के कारोबार से जुड़े लोगों की समिति में मौजूदगी संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत है।
न्यायालय ने भूषण की उस दलील को दर्ज किया जिसमें उन्होंने कहा कि स्वतंत्र वैज्ञानिकों वाली नव गठित समिति पेय पदार्थो के रासायनिक तत्वों पर किए गए अध्ययन और उनके हानिकारक प्रभावों के बारे में न्यायालय को जानकारी देगी।
भूषण ने न्यायालय को बताया कि एक बोतल शीतल पेय पदार्थ में चीनी की मात्रा करीब सात चम्मच होती है और इससे बच्चों में मोटापा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि समिति को पेय पदार्थो में इस्तेमाल किए जाने वाले कोकीन और फास्फोरस की मात्रा का भी पता लगाना चाहिए।
पेय पदार्थो का उत्पादन करने वाली कम्पनियों की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ वकील के.के. वेणुगोपाल ने कहा कि कम्पनियां विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित मानकों का निष्ठापूर्वक पालन कर रही हैं।
अतिरिक्त महाधिवक्ता मोहन परसराम ने न्यायालय को बताया कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद शीतल पेय पदार्थो के हानिकारक प्रभाव पर अध्ययन कर रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications