शीर्ष नेता भाजपा में शामिल, अगप को झटका
जनसभा में भाजपा के अन्य नेताओं के साथ पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी और सांसद वरुण गांधी भी मौजूद थे। गांधी भाजपा के असम प्रभारी भी हैं।
जनसभा में सेनोवाल ने कहा, "मैं अगप से दुखी हो गया, क्योंकि पार्टी नेतृत्व ने बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर समझौता कर लिया। मैंने महसूस किया कि पार्टी में मेरे लिए कोई स्थान नहीं है और मुझे लगा कि भाजपा में शामिल होना बेहतर विकल्प है।"
उन्होंने कहा, "पिछले कुछ महीनों के दौरान अगप नेतृत्व ने एयूडीएफ (असोम युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) से मेलजोल बढ़ाना शुरू कर दिया जो घुसपैठ के खिलाफ हमारे विचार का विरोधी है। मैंने महसूस किया कि अगप नेतृत्व की रुचि केवल सत्ता पाने में है, इसलिए वह अलग विचारधारा रखने वाले एयूडीएफ के साथ हाथ मिलाने को तैयार हो गया।"
ज्ञात हो कि सोनोवाल घुसपैठ के मुद्दे पर हमेशा से मुखर रहे हैं और विवादास्पद अवैध प्रवासी (न्यायाधिकरण की अवधारण) कानून (आईएमडीटी) को रद्द करवाने में मददगार रहे हैं। इस कानून को सर्वोच्च न्यायालय ने 2006 में निरस्त कर दिया था।
शीर्ष अदालत ने सोनोवाल की याचिका पर आईएमडीटी कानून को निरस्त करने का आदेश दिया था।
जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य मार्च-अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनाव में असम की सत्ता हासिल करना है।
गडकरी ने कहा, "असम में कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार के कारण देश पर बोझ बन गया है। असम के लोगों की आंकाक्षा परिवर्तन की है और भाजपा वह परिवर्तन लाने के लिए यहां हाजिर है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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