मिस्र में प्रदर्शन तेज, मुबारक की घोषणाओं का असर नहीं (राउंडअप)
काहिरा, 8 फरवरी (आईएएनएस)। मिस्र में राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक को सत्ता से बेदखल करने के लिए प्रदर्शनकारियों का आंदोलन मंगलवार को 15वें दिन भी जारी है। राजधानी काहिरा के तहरीर चौक और देश के दूसरे सबसे बड़े शहर अलेक्जेंड्रिया की सड़कों पर हजारों की संख्या में लोग प्रदर्शन कर रहे हैं।
राजधानी काहिरा के संसद भवन के पास भी लोगों ने प्रदर्शन किया। बीबीसी के मुताबिक पिछले एक सप्ताह में इससे बड़ा प्रदर्शन नहीं हुआ और प्रदर्शनकारी जोर शोर से मुबारक के इस्तीफे की मांग करते हुए तहरीर चौक की तरफ बढ़ रहे हैं।
इस बीच प्रदर्शनकारियों को विश्वास में लेने और लोकतांत्रिक सुधारों की एक और पहल करते हुए मुबारक ने मंगलवार को संवैधानिक बदलावों के लिए एक समिति को मंजूरी दी।
उप राष्ट्रपति उमर सुलेमान ने सरकारी टेलीविजन पर कहा, "राष्ट्रपति ने एक समिति के गठन के लिए आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समिति को संवैधानिक और जरूरी विधायी संशोधनों की देखरेख का जिम्मा सौंपा जाएगा।"
प्रदर्शनकारी सर्च इंजन 'गूगल' के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी वेल गहोनिम की रिहाई से उत्साहित हैं। सुरक्षा अधिकारियों ने गहोनिम को दो सप्ताह बाद रिहा किया है।
समाचार चैनल अलजजीरा के मुताबिक मिस्र के सरकारी बैंक के संचालन मंडल के पूर्व सदस्य अफफ नागेद ने कहा, "मैं आज पहली बार यहां आया हूं क्योंकि यह मंत्रिमंडल नाकाम हो चुकी है। मुबारक अभी भी गलत रास्ता अख्तियार कर रहे हैं। वह बहुत ही अड़ियल हैं।"
इस बीच मुबारक ने काहिरा में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों और अपने समर्थकों के बीच हुए हिसक संघर्ष की जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित करने का आदेश दिया।
इसके साथ ही सरकार में फेरबदल के बाद पहली बार कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में 15 फीसदी की वृद्धि करने का वादा किया गया। मुबारक ने कहा कि काहिरा में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों और सरकार समर्थकों के बीच हुए हिसक संघर्ष की जांच के लिए गठित किया जाने वाला आयोग पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा और इसमें मिस्र के सम्मानित और विश्वसनीय लोगों को शामिल किया जाएगा।
एक प्रदर्शनकारी शेरीफ जेन ने कहा, "वेतन में की गई बढ़ोतरी से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। इससे कर्मचारियों को थोड़ी राहत मिल सकती है, लोग शीघ्र अनुभव करेंगे कि यह सिरदर्द की गोली है।''
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच हुई हिंसा के दौरान 11 लोगों की मौत हुई। हालांकि संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि 25 जनवरी से जारी प्रदर्शन में कम से कम 300 लोगों की मौत हुई और 4000 घायल हुए हैं।
गौरतलब है कि पिछले महीने से देश में शुरू हुए जनविद्रोह के बाद सरकार के शीर्ष नेतृत्व में फेरबदल किया गया है लेकिन प्रदर्शनकारियों ने इस बदलाव को खारिज कर दिया और मुबारक के गद्दी छोड़ने की मांग पर पर अड़े हुए हैं।
60 लाख कर्मचारियों की वेतन वृद्धि :
मिस्र सरकार ने बयान जारी कर कहा कि वित्त मंत्रालय लगभग 60 लाख कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि के लिए 1.1 अरब डॉलर की राशि आवंटित करेगा। कैबिनेट की बैठक के बाद प्रधानमंत्री अहमद शफीक ने कहा कि तथ्यों का अवलोकन करने और स्थितियों पर गौर करने के बाद कर्मचारियों के वेतन वृद्धि को मंजूरी दी गई है।
मिस्र में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दो सप्ताह बाद यह घोषणा की गई है। मिस्र की जनता देश में बढ़ रही बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और अन्य मांगों को लेकर राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के इस्तीफे की मांग कर रही है।
उधर, सेना ने घोषणा की है कि काहिरा, एलेक्जेंड्रिया और स्वेज में शाम के समय कर्फ्यू लागू रहेगा।
मिस्र में बदलाव के रास्ते में कई दिक्कतें :
वाशिंगटन : अमेरिका ने मिस्र में राजनीतिक बातचीत को जारी रखने का समर्थन करने का संकेत देते हुए कहा है कि उसका प्रमुख सहयोगी देश, बहुदलीय लोकतंत्र की ओर बढ़ने के क्रम में एक कठिन प्रक्रिया का सामना कर रहा है।
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव रॉबर्ट गिब्स ने मिस्र में अर्थपूर्ण बदलाव पर अमेरिका के आग्रह को दोहराते हुए सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि काहिरा को ऐसे श्रृंखलाबद्ध उपायों का खाका तैयार करना चाहिए और एक समय सीमा निर्धारित करनी चाहिए, जिससे मिस्र के लोग सहमत हों।
समाचार चैनल सीएनएन ने कहा कि गिब्स की टिप्पणियां राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक की उस जिद की वास्तविकता को जाहिर करती हैं कि वह अपने कार्यकाल के अंत तक यानी सितम्बर तक सत्ता में बने रहेंगे।
लेकिन गिब्स ने सोमवार को कहा, "यह प्रक्रिया इस समय कठिन होने जा रही है, क्योंकि जब 28 वर्षो तक आपके पास, बगैर मजबूत विपक्ष के, केवल एक नेता रहा है, तो इस व्यवस्था को बदलने में थोड़ा समय तो लगेगा।"
सोमवार को संवाददाताओं के साथ संक्षिप्त अनौपचारिक बातचीत में ओबामा ने कहा, "जाहिर तौर पर मिस्र को एक रास्ता तलाशना है और मैं समझता हूं कि वह इस दिशा में प्रगति कर रहा है।"
पोप ने की शांति बहाली की कामना :
वेटिकन सिटी : मिस्र में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच पोप वेनेडिक्ट 16वें ने मिस्र में शांति बहाली के लिए सभी पक्षों से मिलकर काम करने की अपील की है।
समाचार एजेंसी एकेआई के मुताबिक मिस्र में सरकार विरोधी संगठन और सत्ता पक्ष के बीच राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के इस्तीफे को लेकर टकराव बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने मुबारक से कहा है कि सितम्बर मेंहोने वाले चुनावों तक सत्ता में बने रहने की बजाय वह तुरंत इस्तीफा दें।
सेंट पीटर्स बैसिलिसिया में बेनेडिक्ट ने कहा कि वह वर्तमान में मिस्र की नाजुक स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा, "मिस्र में शांति और सहअस्तित्व की बहाली के लिए मैंने ईश्वर से प्रार्थना की है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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