जेपीसी पर वार्ता बेनतीजा, पर सरकार के रुख में नरमी
नई दिल्ली। 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और वामपंथी सहित अन्य विपक्षी दलों की मांग के मद्देनजर केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी द्वारा मंगलवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक बेनतीजा रही लेकिन इसके बावजूद यह संकेत मिले हैं कि बजट सत्र के सुचारू संचालन के लिए सरकार विपक्षी दलों की यह मांग स्वीकार कर सकती है।
बजट सत्र से पूर्व मुखर्जी द्वारा बुलाई गई इस बैठक में शामिल हुए नेताओं से यह संदेश दिया गया कि संसद चले, सरकार के लिए इससे प्रिय कुछ भी नहीं है।सूत्रों के मुताबिक सरकार ने विपक्ष के समक्ष प्रस्ताव रखा है कि पहले जेपीसी के औचित्य पर संसद में बहस हो और उसके बाद फिर सरकार आगे का रुख स्पष्ट करेगी।
सूत्रों का कहना है कि भाजपा सहित अन्य विपक्षी दलों को बहस से कोई एतराज नहीं है।बहरहाल, आज की बैठक से कुछ ठोस निकलकर नहीं आया लेकिन संतोष की बात यह रही कि सरकार के रवैये में थोड़ी नरमी जरूर दिखी।बजट सत्र से पहले फिर से एक सर्वदलीय बैठक होगी। इससे पहले मुखर्जी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित सरकार के वरिष्ठ नुमाइंदो से बातचीत करेंगे।
बैठक में शामिल हुए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के बयानों से ऐसे संकेत मिले हैं कि सरकार ने जेपीसी जांच की मांग को लेकर अपने रुख में थोड़ी नरमी दिखाई है। सभी दलों ने एक सुर में संसद सत्र हर हाल में चलने पर सहमति जताई है।बैठक के बाद संवाददाताओं को सम्बोधित करते हुए लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा, "हमें उम्मीद है कि सरकार जेपीसी पर कोई निर्णय लेगी और उसके गठन को हरी झंडी देगी तथा संसद में कार्यवाही चल सकेगी।"
उन्होंने कहा कि सरकार भी चाह रही है कि सदन में कार्यवाही हो। "स्वाभाविक तौर पर इससे हम यही समझते हैं कि वह जेपीसी की मांग स्वीकार कर लेगी।" सरकार इस बात को जानती है कि सदन चलाने के लिए विपक्ष जेपीसी मांग चाहता है।राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा, "विपक्ष एक सुर में बोल रहा है और जेपीसी की हमारी मांग में कोई बदलाव नहीं आया है।"
जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा, "बैठक में शामिल हुए सभी दलों ने जेपीसी की मांग पर जोर दिया लेकिन साथ ही यह भी कहा कि संसद सत्र भी चलना चाहिए। सरकार का रुख भी इस दौरान सकारात्मक रहा।"उन्होंने कहा कि संसद सत्र आरम्भ होने में अभी काफी समय है, तब तक सरकार अपना फैसला ले लेगी।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने कहा, "हम चाहते हैं कि संसद में कार्यवाही हो लेकिन साथ ही 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच जेपीसी से कराई जाए।"भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के गुरुदास दासगुप्ता ने कहा, "बैठक अच्छी रही। हमें उम्मीद है कि सरकार विपक्ष की जेपीसी मांग पर सहमत हो जाएगी।"
कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा, "लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोग चाहेंगे कि संसद चले। उन्हें बात करनी चाहिए। यह देश हित में है।"
उन्होंने कहा, "हम नहीं चाहते कि संसद का बजट सत्र भी पिछले शीतकालीन सत्र की तरह हंगामे की भेंट चढ़े।"












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