दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा एयरो शो बुधवार से (लीड-1)
इस प्रदर्शनी में अकेले रूस की 35 कम्पनियां हिस्सा लेंगी। इसमें रूसी कम्पनियों की तरफ से 80 से अधिक प्रकार के हथियारों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
'एयरो इंडिया 2011' के आठवें संस्करण में 63 देशों के 675 कम्पनियों के शामिल होने की संभावना है। यह नौ से 13 फरवरी तक चलेगा।
एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "एयरो इंडिया प्रदर्शनी का आठवां संस्करण बुधवार से शुरू होगा। इसमें कुल 675 कम्पनियां हिस्सा लेंगी। साथ ही इसमें 29 देशों के 380 कम्पनियां भी होंगी। पांच दिनों तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में उड्डयन से जुड़ी आधुनिकतम तकनीक और उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा।"
रक्षा मंत्री ए.के. एंटनी इस प्रदर्शनी की शुरुआत करेंगे। इसके उद्घाटन के अवसर पर रक्षा राज्य मंत्री एम.एम. पल्लम राजू, भारतीय सेनाओं के प्रमुख और सेना के आला अधिकारी मौजूद रहेंगे।
इस प्रदर्शनी में ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, रूस और अमेरिका सहित कुल 36 देश अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। इसके अंतर्गत इन देशों की कम्पनियों के बीच कई तरह के समझौते भी किए जाएंगे।
रूस ने इसके लिए विशेष तैयारी की है। समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक प्रदर्शनी में रूस की 35 कम्पनियां शामिल होंगी, जिनमें मुख्य रूप से मिग, सुखोई, अल्माज-अंतेई और इंजीनियरिंग डिजाइन ब्यूरो शामिल हैं।
रूस पारम्परिक तौर पर मिग-35 और सुखोई-35 लड़ाकू विमानों की प्रदर्शनी लगाएगा। इसके अलावा याक-130, द्वितीत-76 एमडी के यातायात विमान, द्वितीय-78 एमके टैंकर भी शामिल होंगे। मिग-29 के और मिग-29 केयूबी श्रृंखला के नौसैनिक लड़ाकू विमान भी प्रदर्शनी में शामिल किए जाएंगे।
रूस की ओर से शामिल होने वाला बी-200 आकर्षण का मुख्य केंद्र होगा। इस विमान का उपयोग समुद्र टोही विमान और हवा में आग बुझाने के लिए भी किया जा सकता है।
एयरो इंडियो 2011 के दौरान रूसी हेलीकॉप्टरों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। एमआई-28एनई, लाइट मल्टीरोल केए-226 टी और एमआई-26 भी दिखाए जाएंगे।
गौरतलब है कि अमेरिका के बाद रूस विश्व का दूसरा सबसे बड़ा हथियार निर्यातक देश है। रूसी रक्षा उद्योग से जुड़ी कम्पनियां विदेशी ग्राहकों को लगभग 10 अरब डॉलर का हथियार मुहैया कराती हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications