उप्र निकाय चुनाव सम्बंधी विधेयक को मंजूरी न देने की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने यहां पार्टी मुख्यालय में मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मायावती सरकार द्वारा लाया जा रहा यह विधेयक जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों की तर्ज पर गुंडे, माफियाओं, धनबल और सत्ता बल के सहारे महापौर और निकाय अध्यक्षों की कुर्सी पर कब्जा करने की साजिश है।
उन्होंने कहा कि महापौर एवं निकाय अध्यक्ष के चुनाव अप्रत्यक्ष आधार पर होते हैं और ये पार्षदों द्वारा चुने जाते हैं। इस प्रक्रिया में बदलाव लाने पर पार्षदों की खरीद-फरोख्त शुरू हो जाएगी और धनबल के आधार पर गुंडे और माफिया इन पदों पर काबिज हो जाएंगे। साथ ही इन व्यक्तियों की जनता के प्रति जवाबदेही भी खत्म हो जाएगी।
जोशी ने राज्य सरकार द्वारा लाए जा रहा विधेयक को संविधान के 74वें संशोधन की मूल भावना के साथ खिलवाड़ और जनता के साथ कुठाराघात बताया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "हमने राज्यपाल बी.एल.जोशी से मंगलवार को मुलाकात कर मांग की है कि वह इस विधेयक को अपनी स्वीकृति न दें, अन्यथा शहरी निकायों पर धनबल का कब्जा हो जाएगा।"
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लाए जा रहे इस विधेयक के खिलाफ कांग्रेस पार्टी 10 फरवरी को सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करेगी और 11 फरवरी को लखनऊ में पैदल मार्च करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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