कानून के अनुरूप नहीं खाद्य सामग्री मानदंडों की समिति : न्यायालय
नई दिल्ली, 8 फरवरी (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि खाद्य उत्पादों में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्रियों पर दिशा निर्देश बनाने वाली विशेषज्ञ समिति का गठन खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के विपरीत हुआ है।
न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी एवं न्यायमूर्ति ए.के. गांगुली की पीठ ने कहा, "विशेषज्ञों की समिति प्रथम दृष्ट्या खाद्य सुरक्षा अधिनियम का उल्लंघन करती है।"
न्यायालय ने टिप्पणी की कि खाद्य सुरक्षा एवं भारत मानक प्राधिकरण के तहत अधिनियम की धारा 13 (1) स्पष्ट रूप से एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति प्रदान करती है।
न्यायालय ने कहा कि खाद्य उद्योगों एवं पेय पदार्थो के कारोबार से जुड़े लोगों की समिति में मौजूदगी संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत है।
न्यायालय ने यह टिप्पणी खाद्य और पेय पदार्थो में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्रियों को उजागर करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान की।
याचिका में खाद्य एवं पेय पदार्थो से उपभोक्ताओं को पहुंचने वाले हानिकारक प्रभाव के बारे में भी जानकारी देने की मांग की गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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