आरोपियों में मुशर्रफ के नाम से अनभिज्ञ थे मलिक
समाचार पत्र 'डान' के मुताबिक संघीय जांच एजेंसी के पुलिस अधिकारी खालिद कुरैशी की अध्यक्षता वाले संयुक्त जांच दल ने जानबूझकर मलिक और एजेंसी प्रमुख वसीम अहमद को यह जानकारी नहीं दी थी कि वे आरोपियों की सूची में मुशर्रफ का नाम शामिल करने जा रहे हैं। मामले में राजनीतिक दखल को दूर रखने के मकसद से ऐसा किया गया था।
मलिक ने कुछ अधिकारियों से कहा है, "यह मेरे लिए चौंकाने वाली बात है, मैं नहीं जानता कि उन्होंने मुझे यह सूचना क्यों नहीं दी। मैं इन अधिकारियों को इसके लिए कारण बताओ नोटिस जारी कर सकता हूं।"
बेनजीर की 27 दिसम्बर, 2007 को लियाकत बाग से निकलते वक्त हत्या कर दी गई थी। वह रावलपिंडी में एक चुनाव रैली को सम्बोधित करने के बाद लौट रही थीं।
रावलपिंडी के पूर्व पुलिस प्रमुख साद अजीज का एक बयान आने के बाद सोमवार को आरोपियों की सूची में मुशर्रफ का नाम जोड़ा गया था।
अजीज ने दावा किया था कि मुशर्रफ ने बेनजीर के सुरक्षा प्रभारी को बदलने का आदेश दिया था। उन्होंने यह दावा भी किया था कि मुशर्रफ के आदेश पर हत्या के स्थान को तुरंत पानी से साफ कर दिया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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