एस-बैंड आवंटन का अभी तक फैसला नहीं : प्रधानमंत्री कार्यालय

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक भारतीय अंतरिक्ष संगठन (इसरो) की वाणिज्यिक विभाग और निजी कम्पनी के बीच इससे सम्बंधित सौदे में सरकार को करीब दो लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा मंगलवार को जारी बयान में यह स्पष्ट किया गया कि सरकार ने 'अंतरिक्ष' या देवास नामक कम्पनी को एस-बैंड का इस्तेमाल करने वाले अंतरिक्ष खंड का आवंटन करने के बारे में कोई फैसला नहीं लिया है।

सोमवार को भारतीय जनता पाटी और वाम दलों ने एस-बैंड स्पेक्ट्रम के आवंटन के मामले में नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट के आधार पर इस मामले की जांच करने की मांग की दी थी। पीएमओ ने कहा कि इस तरह की खबरों का कोई आधार नहीं है।

बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन खबरों को देखा है, जिसमें इसरो के अनुषांगिक संगठन 'अंतरिक्ष' और कम्पनी देवास मल्टीमीडिया प्रा. लिमिटेड के बीच अंतरिक्ष खंड क्षमता के आवंटन का जिक्र किया गया है।

बयान में कहा गया है कि सीएजी कार्यालय और अंतरिक्ष विभाग द्वारा बयान जारी कर इस विषय पर वस्तुस्थिति स्पष्ट कर दी गई है। राजस्व का कोई नुकसान नहीं हुआ है और यह खबर बेबुनियाद है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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