निफ्टी 7 महीने के निम्नतम स्तर पर (लीड-1)
मीडिया में वर्ष 2005 में एस बैंड स्पेक्ट्रम बिक्री से जुड़े मामलों की सम्भावित जांच की खबर आने के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखी गई। औद्योगिक क्षेत्र के धीमे विकास की आशंका और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा दरों में फिर वृद्धि किए जाने की सम्भावना का निवेशकों पर दबाव बना रहा।
बीएसई के सभी 13 सेक्टरों में गिरावट देखी गई। पूंजीगत वस्तु, रियल्टी एवं वाहन में सर्वाधिक गिरावट देखी गई।
बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी गिरावट देखा गया। मिडकैप 150.13 अंक की गिरावट के साथ 6549.55 पर और स्मॉलकैप 243.72 अंक की गिरावट के साथ 8,018 पर कारोबार कर रहा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications