'पाकिस्तान से आने वाली नकली मुद्रा भारत के लिए सिरदर्द'

वाशिंगटन, 8 फरवरी (आईएएनएस)। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार नकली मुद्रा भारत के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। माना जा रहा है कि नकली नोट (रुपये) पाकिस्तान में छापे जा रहे हैं और ढाका (बांग्लादेश) व बैंकाक (थाईलैंड) के रास्ते उन्हें काठमांडू लाया जा रहा है।

वाशिंगटन स्थित अध्ययन संस्था, ग्लोबल फाइनेंसियल इंटीग्रिटी द्वारा मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि नकली मुद्रा के इस भारी आगमन से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि पाकिस्तानी तत्व जानबूझ कर भ्रम पैदा करने और भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।

'ट्रांजिशनल क्राइम इन द डेवलपिंग वर्ल्ड' (विकासशील विश्व में बदलते अपराध) विषय पर जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि सामानों, हथियारों, मनुष्यों, और प्राकृतिक संसाधनों का अनधिकृत व्यापार, 650 अरब डॉलर का एक उद्यम बन गया है, जिसका सर्वाधिक नकारात्मक असर विकासशील दुनिया पर पड़ रहा है।

भारतीय अधिकारियों का मानना है कि अकेले उत्तर प्रदेश में कोई 90 लाख डॉलर मूल्य के 40 करोड़ रुपये प्रचलन में हैं। जबकि नेपाल में नकली मुद्रा के तस्करों ने 2009 में कहा था कि "2010 तक लगभग 10,000 करोड़ (2.2 अरब डॉलर) की नकली मुद्रा भारत में प्रचलन में होगी।"

रिपोर्ट में कहा गया है कि विभिन्न देशों के अंदर स्थित अस्थिरता पैदा करने वाले तत्व, सैन्य अभियानों के लिए धन मुहैया कराने हेतु वन्य जीवों की तस्करी से होने वाले मुनाफे का इस्तेमाल करते हैं।

रिपोर्ट में इंटरपोल और अमेरिकी विदेश विभाग के हवाले से कहा गया है, "सोमाली सरगनाओं और भारत के दो चरमपंथी संगठनों ने, अलकायदा, हरकत उल-जिहाद-ए-इस्लामी-बांग्लादेश (हुजी-बी) और जमातुल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के साथ मिल कर हाथियों और गैडों के अनधिकृत शिकार को प्रायोजित किया है।"

रिपोर्ट में कहा गया है, "इसका बुरा असर सिर्फ विकासशील देशों पर ही नहीं है, बल्कि यह अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी एक समस्या है।"

चीन, नकली सामानों का प्रमुख स्रोत है, लेकिन ताइवान, वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, भारत, रूस और अन्य पूर्व सोवियत गणराज्य भी नकली सामानों के उत्पादन के लिए जाने जाते हैं।

रिपोर्ट का एक अन्य प्रमुख निष्कर्ष यह है कि अनधिकृत कारोबार से होने वाला मुनाफा विशाल अंतर्राष्ट्रीय व्यापार नेटवर्क के रास्ते अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक गिरोहों तक पहुंच रहा है।

रिपोर्ट में दर्ज अनधिकृत कारोबार के आंकड़े कुछ इस प्रकार है: नशीले पदार्थ-320 अरब डॉलर, तेल-10.8 अरब डॉलर, वन्यजीव-7.8 से 10 अरब डॉलर, लकड़ी-सात अरब डॉलर, मछली-4.2 से 9.5 अरब डॉलर, कला एवं सांस्कृतिक सम्पत्ति-3.4 से 6.3 अरब डॉलर, सोना-2.3 अरब डॉलर, मानव अंग-61.4 करोड़ डॉलर से 1.2 अरब डॉलर, छोटे हथियार एवं हल्के हथियार-30 करोड़ डॉलर से एक अरब डॉलर और हीरा एवं रंगीन रत्न-86 करोड़ डॉलर।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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