चिरंजीवी और कांग्रेस मिलाएंगे हाथ

चिरंजीवी और कांग्रेस मिलाएंगे हाथ

उमर फ़ारूक़

बीबीसी संवाददाता, हैदराबाद

फ़िल्म अभिनेता चिरंजीवी की पार्टी प्रजाराज्यम कांग्रेस के साथ विलय की तैयारी कर रही है.

आंध्र प्रदेश में फ़िल्म अभिनेता चिरंजीवी की प्रजाराज्यम पार्टी कांग्रेस पार्टी के साथ अपने विलय की तैयारी कर रही है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाक़ात के लिए पीआरपी अध्यक्ष चिरंजीवी को जो दावत दी गई थी उसे पीआरपी ने स्वीकार कर लिया है.

ये दोनों नेता सोमवार को दिल्ली में बातचीत करेंगे. गुरुवार को इस विषय पर प्रजाराज्यम पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में विचार किया गया.

बैठक के बाद पीआरपी के प्रवक्ता राम चंद्रैय्या ने पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस के साथ संबंधों के विषय पर अंतिम फ़ैसले का अधिकार चिंरजीवी को दे दिया गया है और वही सोनिया गांधी से भेंट के बाद अंतिम निर्णय करेंगे.

आंध्र प्रदेश विधानसभा पीआरपी के 18 विधायक हैं और कांग्रेस पार्टी चाहती है कि उसे इन विधायकों का समर्थन मिले. क्योंकि 294 सदस्यों वाली आंध्र प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के पास केवल 156 विधायक हैं. इनमें से लगभग 20 विधायक खुलकर बाग़ी नेता जगनमोहन रेड्डी का समर्थन कर रहे हैं.

सोनिया गांधी और चिरंजीवी सोमवार को दिल्ली में बातचीत करेंगे.

जगनमोहन रेड्डी के विद्रोह के कारण राज्य में कांग्रेस सरकार के अल्पमत में चले जाने और राजनीतिक अस्थिरता उत्पन्न होने का ख़तरा बढ़ गया है.

इसी चुनौती से निपटने के लिए कांग्रेस पार्टी पीआरपी को अपने साथ मिलाना चाहती है.

इस दिशा में घटनाओं का सिलसिला कुछ दिन पहले शुरू हुआ जबकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और रक्षामंत्री एके एंटनी ने हैदराबाद में चिरंजीवी से भेंट की और उन्हें सोनिया गांधी से मिलने का निमंत्रण दिया.

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस ने चिरंजीवी को आश्वासन दिया है कि विलय के बाद उन्हें पार्टी में एक अहम भूमिका दी जाएगी और उनकी पार्टी के चार विधायकों को मंत्री बनाया जाएगा और एक राज्यसभा सीट भी दी जाएगी.

पीआरपी के अलावा कांग्रेस एक और राजनीतिक दल मजलिस-ए-इत्तिहादुल मुस्लिमीन का समर्थन भी जुटाने की कोशिश भी कर रही है. मजलिस के पास सात विधायक हैं.

वैसे भी कांग्रेस और मजलिस के संबंध काफ़ी दोस्ताना हैं और ज़रुरत पड़ने पर मजलिस कांग्रेस सरकार का समर्थन कर सकती है.

बाग़ी नेता जगनमोहन रेड्डी के साथ लगभग 20 सांसद हैं.

कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार पीआरपी और मजलिस के कुल 25 विधायकों का समर्थन आश्वासित होने जाने के बाद पार्टी नेतृत्व उन विधायकों के विरुद्ध कार्रवाई करेगा जो जगनमोहन रेड्डी का समर्थन कर रहे हैं.

पार्टी के सामने एक विकल्प ये है कि वो जगन के चार या पांच कट्टर वफ़ादार विधायकों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में राज्य विधान सभा ने वहिष्कृत करदे और बाक़ी जगन समर्थकों पर दवाब बनाकर उन्हें अपनी पार्टी में वापिस ले आए.

कांग्रेस पार्टी की कोर कमेटी की एक बैठक शुक्रवार को दिल्ली में हो रही है जिसमें आंध्र प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर विचार किया जाएगा. और पीआरपी सहित तमाम मुद्दों पर पार्टी की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+