रेमंड मामला:विदेश मंत्रालय की आलोचना

रेमंड मामला:विदेश मंत्रालय की आलोचना

हफ़ीज़ चाचड़

बीबीसी हिंदी संवाददाता, इस्लामाबाद

रेमंड डेविस ने 27 जनवरी को लाहौर में दो पाकिस्तनी नागरिकों की हत्या कर दी थी.

पाकिस्तान के लाहौर शहर में दो पाकिस्तानी नागरिकों की हत्या करने वाले अमरीकी अधिकारी के मामले पर पत्रकारों ने विदेश मंत्रालय को मुश्किल में डाल दिया है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता की शुरुआत की और सवालों के लिए पत्रकारों से कहा. एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि अमरीकी अधिकारी की पहचान को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है और वे उन के बारे में कुछ ओर जानकारी जानना चाहते हैं.

अब्दुल बासित ने जैसे ही जवाब देना शुरु किया तो करीब आठ दस ओर पत्रकारों ने इससे संबंधी सवालों के लिए हाथ उठाए. एक पत्रकार ने पूछा कि अमरीकी अधिकारी रेमंड डेविस जैसे कितने अधिकारी पाकिस्तान में मौजूद हैं और उन लोगों की पहचान क्या है?

एक और पत्रकार ने उनसे पूछा कि पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बात न कर मामले को और गंभीर क्यों बना दिया है और अब विदेश मंत्रालय केवल इतना बता दे कि लाहौर के अमरिकी वणिज्य दूतावास में कितने अधिकारी काम करते हैं? रेमंड डेविस को कौन सा वीज़ा जारी किया गया है? इस तरह एक एक कर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से आठ दस सवाल पूछे गए.

उन्होंने सभी सवालों का संक्षेप में जबाव दिया, “सवाल पूछने के लिए आप सब का शुक्रिया और लाहौर घटना के संबंध में मैं केवल इतना कहना चाहता हूँ कि मैं इस मामले में के किसी भी पहलू पर बात नहीं सकता. मैं इस पर कोई भी जानकारी नहीं दे सकता क्योंकि यह मामला अदालत में चल रहा है.”

उन के यह कहने पर पत्रकार खड़े हो गए और उनसे कहा कि वह केवल अमरीकी अधिकारी के हवाले से पूछे गए सवालों का जवाब दें और उनसे किसी और मुद्दे पर कोई सवाल नहीं पूछा जाएगा.

अब्दुल बासित ने फिर वही दोहराया, “मैं जानता हूँ कि मैं आप को निराश कर रहा हूँ लेकिन सही बात यह है कि मैं इस मुद्दे पर बात नहीं कर सकता.”

प्रवक्ता मुश्किल में

उनके यह कहने पर हॉल में फिर हंगामा हो गया और पत्रकारों ने फिर उन से वहीं सवाल पूछे. बासित बार बार पत्रकारों को समझाने की कोशिश कर रहे थे कि वह इस मामले पर बात करने की स्थिति में नहीं हैं.

अब्दुल बासित ने रेमंड डेविस मुद्दे पर बात करने से इंकार कर दिया.

उन्होंने पत्रकारों को बताया कि अमरीकी अधिकारी के अलावा कोई भी सवाल है तो वह पूछ सकते हैं लेकिन पत्रकारों ने उन की बात नहीं मानी.

एक पत्रकार ने ग़ुस्से में कहा कि जब लाहौर में घटना हुई थी जो अमरीकी विदेश मंत्रालय और अमरीकी दूतावास ने कई बार बयान जारी किए थे लेकिन पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस पर एक शब्द भी नहीं कहा.

अब्दुल बासित ने इस पर कहा कि प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी संसद में इस पर बात कर चुके हैं और वही पाकिस्तान का बयान है.

एक पत्रकार ने उनसे मिस्र की स्थिति पर सवाल पूछना चाहा लेकिन दूसरे पत्रकारों ने उनको अनुमति नहीं दी. इसके बाद सभी पत्रकारों ने ‘थैंक यू’ कह कर प्रेसवार्ता को ख़तम करवा दिया.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+