सोहराबुद्दीन हत्याकांड: सीबीआई पहुंची उच्च न्यायालय
सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश जी. के. उपाध्याय ने पांच जनवरी को एक मजिस्ट्रेट के उस आदेश को खारिज कर दिया था, जिसमें पूर्व पुलिस उपायुक्त (अपराध शाखा) अभय चुड़ासमा और पुलिसकर्मी एन.वी. चौहान की आवाज के नमूनों के परीक्षण की अनुमति जांच एजेंसी को दी गई थी।
मजिस्ट्रेट ए. वाई. दवे ने सीबीआई को चुड़ासमा, चौहान और एन.के. अमीन सहित अन्य आरोपी पुलिस अधिकारियों के आवाज के नमूनों के परीक्षण की अनुमति दी थी।
अमीन ने इस मामले में सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई थी लेकिन बाद में वह अपनी बात से मुकर गया था। अमीन की चौहान से हुई बातचीत की रिकॉर्डिग से फर्जी मुठभेड़ के साजिश का खुलासा हुआ था। रिकॉर्ड टेप को निचली अदालत के सामने पेश किया गया था।
गौरतलब है कि 22 नवम्बर 2005 को हैदराबाद से महाराष्ट्र के सांगली जा रहे सोहराबुद्दीन और उसकी पत्नी कौसरबी को कथित तौर गुजरात पुलिस ने उठा लिया था।
इसके बाद 26 नवम्बर 2005 को गुजरात पुलिस ने एक फर्जी मुठभेड़ में सोहराबुद्दीन की कथित तौर पर हत्या कर दी थी। कुछ दिनों बाद कौसरबी रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाई गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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