DMK दलित नेता बन गया 'घोटालों का राजा'
नई दिल्ली। अब से थोड़ी देर पहले 2 जी स्पैक्ट्रम घोटाले का जन्मदाता ए राजा को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। आईये जानते है ए राजा, कब घोटालों के राजा बन गये। तो आप को बता दें कि 10 मई 1963 को तमिलनाडु में जन्मे करूणानिधि की पार्टी डीएमके के ए राजा एक काफी जिम्मेदार समझे जाते है।
वो एक दलित नेता है। पेशे से वो एक वकील है।1996 की गठित 11 वीं लोकसभा में पहली बार राजा संसद पहुंचे थे। पहले इनको ग्रामीण विकास मंत्रालय सौंपा गया था। उन्होंने 2000 से 2003 तक इस मंत्रालय की कमान संभाली।
तीसरी बार लोकसभा पहुंचने पर मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाते हुए दूरसंचार मंत्रालय सौंपा गया। आपको बता दें कि ए राजा पर 2008 से ही 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में घोटाले के आरोप लगते रहे हैं लेकिन सीएजी की रिपोर्ट आने के बाद उन पर इस्तीफे़ का दबाव बढ़ गया था। जिसके चलते आखिरकार राजा को नवंबर 2010 में इस्तीफ़ा देना पडा।
इसके बाद भी राजा को गिरफ्तार नहीं किया गया लेकिन उनके घर की तलाशी हुई और सीबीआई लगातार उनसे पूछताछ करती रही है। राजा पर आरोप है कि उन्होंने 2जी स्पेक्ट्रम का आवंटन अपनी पसंदीदा कंपनियों को किया और इनमें से कई कंपनियों के पास स्पेक्ट्रम के उपयोग के लिए नेटवर्क ही नहीं था।
इन कंपनियों ने बाद में स्पेक्ट्रम अधिक कीमत पर अन्य मोबाइल कंपनियों को बेच दिए। इससे पहले पूरे मामले की जांच के लिए गठित जस्टिस शिवराज पाटिल आयोग ने अपनी जांच रिपोर्ट दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल को सौंपी थी।
पाटिल को दिसंबर महीने में जांच कार्य सौंपा गया था और उन्हें देखना था कि 1991 के बाद दूरसंचार मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में सरकारी नियमों का कितना उल्लंघन किया है। जस्टिस पाटिल ने रिपोर्ट देने के बाद कहा था कि उनकी रिपोर्ट में मंत्रालय के कुछ अधिकारियों के नाम भी हैं।
गौरतलब है कि राजा के मामले में सरकार और विपक्ष के बीच भी तनाव बना हुआ है और नवंबर के बाद संसद की कार्यवाही नहीं चल सकी है। इस बारे में आपके क्या विचार है अपनी टिप्पणी नीचे लिखें कमेंट बॉक्स में दर्ज करायें।












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