बुद्धिमानी दिलाती है दौलत
तरुण इंजीनियर
नई दिल्ली, 31 जनवरी (आईएएनएस)। यह बात उस जमाने की है, जब न तो इतिहास लिखा जाता था और न ही कोई दस्तावेज तैयार किए जाते थे। तब लोग सिर्फ किवदंतियों के भरोसे जीते थे और उन्हीं से वे अपने अतीत के बारे में जानकारी प्राप्त करते थे। फिर उनसे जीवन को सुखी और समृद्ध बनाने के लिए आवश्यक सूत्र ढूंढ़ लेते थे।
तब समुद्र के किनारे एक गांव था। वहां की आबादी भी गिनती की थी और लोग समुद्र के सहारे गुजर बसर करते थे। वे मछलियां पकड़ते थे और व्यापारियों को बेच देते थे। इसके लिए उन्हें कई कई दिन समुद्र में बिताने पड़ते थे।
एक दिन सभी मछुआरे अपनी-अपनी नावें लेकर मछली पकड़ने के लिए समुद्र में चले गए। जब रात गहरी होने लगी, तब तेज तूफान आ गया। फिर उस तूफान से मछुआरों की नावें अपना रास्ता भटक गई। गांव में जब मछुआरों के परिवार वालों को तूफान का पता चला, तो उन्हें अपने सगे-सम्बधियों की चिंता हुई। उनकी पत्नियां और बच्चे समुद्र तट पर आ गए, फिर उन्हें बचाने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करने लगे।
वे सभी बड़े दुखी थे और रो रहे थे। तभी अचानक एक और संकट आ गया। एक मछुआरे की झोपड़ी में आग लग गई।
जब सुबह हुई, तब सबकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा, क्योंकि सभी मछुआरों की नावें सुरक्षित तटों पर लग गई थीं, लेकिन जिस मछुआरे के घर में आग लग गई थी, उसकी पत्नी ने अपने पति से रोते हुए कहा, "हम बर्बाद हो गए! हमारा घर और सारा सामान आग में जलकर राख हो गया।"
उसका पति पहले तो हंसा, फिर बोला, "ईश्वर को उस आग के लिए धन्यवाद दो! रात में जलती हुई झोपड़ी देखकर ही तो हम सब अपनी नावें किनारे पर लगा पाए।"
इसलिए अपने सोचने का ढंग बदलिए और नीचे लिखे गुरुमंत्रों को बार-बार दोहराइए :
* कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता, परन्तु आपकी सोच उस काम को छोटा या बड़ा बना देती है।
* नकारात्मक सोच वाला व्यक्ति अवसर मिलने पर भी कठिनाइयों और मुश्किलों को तलाश लेता है, जबकि सकारात्मक सोच वाला व्यक्ति मुश्किलों के बीच से भी अवसर ढ़ूंढ़ लेता है।
* आप कैसा सोचते है कैसा महसूस करते हैं? यह सब आपके आचरण पर निर्भर करता है। क्योंकि हर व्यक्ति की मानसिक संरचना अलग होती है।
* आपकी महत्वपूर्ण समस्याएं सोच के उस स्तर पर नहीं सुलझाई जा सकती, जिस स्तर पर आपने उसे पैदा किया है बल्कि उन्हें सुलझाने के लिए आपको उससे ऊपर के स्तर पर सोचना होगा।
* वह व्यक्ति सबसे बड़ा मूर्ख है जो यह सोचता है कि संसार में दु:ख ही दु:ख है, जबकि दु:ख और सुख में से किसी एक को चुनना व्यक्ति के अपने हाथ में है।
* जब आप किसी नई चीज के बारे में गहराई से सोचते हैं, तब आपकी आंतरिक शक्ति जाग जाती है। फिर आपकी प्रतिभा उसे खोजने में लग जाती है और साहस उसे खींचकर बाहर निकाल लेता है।
* सोचिए कि नींबुओं को दौलत में कैसे बदला जा सकता है? पहले समझदारी+ज्ञान=बुद्धिमानी का फार्मूला अपनाइए फिर आपको नींबुओं की जगह दौलत दिखाई देगी।
* बीते समय की सोचकर जीवन को समझा जा सकता है, लेकिन भविष्य पर नजर रखकर जीवन को जिया जाता है, क्योंकि इतिहास अतीत की दास्तान को बयान करता है और आने वाला समय उस इतिहास को बदलता है।
* आपकी और मेरी सोच के बीच फर्क सिर्फ इतना है कि आपको दरवाजे बंद होने की आवाज सुनाई देती है और मुझे खुलते हुए दरवाजे की।
* आप कितने सफल इंसान है, यह आपकी सोच से पता चलता है, क्योंकि जितनी बहरी आपकी सोच होगी, उतने ही स्तर पर आपको सफलता प्राप्त होगी।
(डायमंड बुक्स प्रा.लि., नई दिल्ली से प्रकाशित पुस्तक 'सीकेट्र्स ऑफ सक्सेस' से साभार)
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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