अनुभवों को बनाएं अपना दोस्त
तरुण इंजीनियर
नई दिल्ली, 9 जनवरी (आईएएनएस)। एक बार कुछ अंग्रेज पादरी एक पत्रकार को साथ लेकर महर्षि रमण के पास पहुंचे। फिर उन्होंने महर्षि से कहा, "सुना है कि आप घंटों तक ईश्वर से बातें करते हैं। इसलिए आज हम सब यह देखने आए हैं कि आप ईश्वर से कैसे मिलते हैं। यदि यह बात झूठ साबित हुई तो यह पत्रकार आपके चमत्कार का भंडाफोड़ कर देगा।"
उनकी बात सुनकर महर्षि रमण मुस्कराए और बोले, "आप सबेरे मेरे साथ चलकर खुद भी ईश्वर का साक्षात्कार कर सकते हैं।"
पादरी और पत्रकार महर्षि रमण की बात सुनकर हैरान रह गए। फिर सुबह आने की बात कहकर लौट गए। लेकिन रात भर उन सभी में से किसी को भी नींद नही आई। वे पूरी रात आपस में यही विचार करते रहे कि महर्षि कैसे उनका ईश्वर से साक्षात्कार कराएंगे?
फिर अगले दिन वे सवेरा होते ही महर्षि रमण के आश्रम में पहुंच गए। पूजा-अर्चना के बाद महर्षि रमण पादरी को साथ लेकर जंगल की ओर चल दिए।
जंगल में पहुंच कर वे नदी के किनारे एक झोपड़ी में पहुंचे। वहां लेटे हुए एक कुष्ठ रोगी को उठाया और उसके शरीर पर औषधि युक्त तेल की मालिश की। मालिश के बाद उसे नहलाया, फिर उसके कपड़े बदले और चूल्हा जलाकर उसके लिए दलिया बनाया। उसके बाद बड़े प्रेम से अपने हाथों से खिलाया। फिर उन्होंने पास बैठे पादरी और पत्रकार से कहा, "मैं इस तरह से रोज ईश्वर की पूजा करता हूं। उससे बातें करता हूं। क्या आपको लगता है कि मैं कोई पाखंड करता हूं।"
पादरी और पत्रकार तुरंत महर्षि रमण के चरणों में गिर गए। फिर पत्रकार ने इंग्लैंड से प्रकाशित एक पत्र में अपने संस्मरण में लिखा था, "उस दिन हम सबको अनुभव हुआ कि हम साक्षात् ईसा मसीह के दर्शन कर रहे हैं।"
इसलिए अपने अनुभवों को संजोकर रखिए और नीचे लिखे गए गुरुमंत्रों को दिल की गहराइयों में उतारिए :
* अपने अनुभवों को अपना दोस्त बनाएं, तभी आप सामने वाले के चेहरे को पढ़ सकते हैं, क्योंकि चेहरे के हाव-भाव को सिर्फ अनुभवों द्वारा की पढा जा सकता है।
* जितना आप 15 सालों के अनुभव के बाद सीखतें हैं उससे कही अधिक आपको इस पुस्तक को पढ़ने के बाद मिल जाएगा।
* जीवन और व्यापार का सूत्र है अनुभव, लेकिन जब तक आप अपने अनुभव बांटेगे नही, तबतक आप दूसरों के अनुभव से लाभ प्राप्त नहीं कर सकते।
* अच्छे अनुभव आदमी को खुशी दिलाते हैं, लेकिन बुरे अनुभव लोगों को महान बनाते हैं। क्योंकि लक्ष्य प्राप्त करने के लिए तीन चीजें अहम हैं- सर्मपण, विश्वास और ईमानदारी।
* सही निर्णय आप अनुभव होने पर ले सकते हैं और अनुभव तब होता है, जब आपने जिंदगी में गलत निर्णय लिए हों। इसीलिए भविष्य को सवांरने का काम जरा ध्यान से करें, क्योंकि अनुभव विचारों की संतान है और विचार क्रिया की।
* आप अपने जीवन तें कुछ भी प्राप्त करते हैं, वह आपके अनुभवों का निचोड़ होता है। किसी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आपका सकारात्मक दृष्टिकोण और अनुभव का होना आवश्यक है।
* अगर आपको एक ताकतवर अनुभव चाहिए, तब आप उस व्यक्ति को माफ कर दें, जिसने किसी भी तरीके से आपको नुकसान पहुंचाया हो।
* जब तक आप मरेंगे नहीं, तब तक आपको स्वर्ग का अनुभव कैसे होगा? यानी जब तक आप असफलताओं से नहीं गुजरेंगे, तब तक आपको सफलता का अनुभव नहीं हो सकता।
(डायमंड बुक्स प्रा.लि., नई दिल्ली से प्रकाशित पुस्तक 'सीक्रेट्स ऑफ सक्सेस' से साभार)
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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