किस्मत पर नहीं, मेहनत पर करें भरोसा
नई दिल्ली, 7 जनवरी (आईएएनएस)। मुम्बई में हर दिन सैकड़ों लोग बड़े-बड़े सपने लेकर आते हैं। उनमें से इक्के-दुक्के ही कामयाब होते हैं, बाकी के लक्ष्य बदल जाते हैं या वे अपने घरों की ओर लौट जाते हैं।
कुछ लोग निराश होकर आत्महत्या भी कर लेते हैं। इसलिए मनोरंजन के क्षेत्र में आने वालों को 'स्ट्रगलर' (संघर्ष करने वाला) कहा जाता था। यह शब्द अब लुप्त होता जा रहा है, क्योंकि स्ट्रगलर अब कोई कहलाना पसंद नहीं करता जबकि यही शब्द कभी ताकत देता था।
इस बात को साबित किया है हिंदी फिल्मों के सबसे अधिक लोकप्रिय संगीतकार स्व. नौशाद ने। उन्होंने एक बार कहा था, "मैं दादर के फुटपाथ पर बैठे हुए बार-बार सोचता था कि सड़क के पार जो थिएटर है, उसमें मेरी फिल्में पता नहीं कब लगेंगी?"
"यह सोचते हुए कभी-कभी मैं निराश भी हो जाता था, क्योंकि स्ट्रगल लंबा हो रहा था। मगर अगले ही पल मैं खुद को संभाल लेता था और ऊपर आसमान की ओर ताकने लगता था। तब न तो अतीत को याद करता था न भविष्य को। फिर वर्तमान में आ जाता था, यानी खुद की असलियत को सामने रखकर स्ट्रगल करने के लिए निकल जाता था, लेकिन वह सपना 12-13 साल में पूरा हुआ।"
इस बात से साबित हुआ कि खुद के प्रति जागरूक रहना बहुत जरूरी है, क्योंकि जागरूकता सपने को संभालकर रखती है, फिर लोग अतीत को भूल जाते हैं।
भगवान बुद्ध से लेकर दलाई लामा तक और महावीर से लेकर महाप्रज्ञ तक ने सफलता के लिए एक महान सूत्र बताया था, वह था- "जागरूक रहना और वर्तमान में जीना।"
लेकिन आदमी अपनी किस्मत पर ज्यादा विश्वास करता है और असफल हो जाता है। इसलिए अपनी किस्मत पर विश्वास मत कीजिए, क्योंकि यह आपको धोखा दे सकती है। सिर्फ अपनी मेहनत पर विश्वास कीजिए और नीचे लिखे गुरुमंत्र का मनन कीजिए :
* जिस तरह हीरे को बिना घिसे चमकाया नहीं जा सकता, वैसे ही बिना संघर्ष के आदमी की किस्मत नहीं बदल सकती।
* किस्मत को कोसने वाले सफल होने की गलतफहमी पालते हैं और मेहनत करने वाले किस्मत को बदल डालते हैं।
* किस्मत शब्द का इस्तेमाल लोग तब करते हैं जब कोई बात उनके उम्मीद से बेहतर हो जाती है। इसलिए जब कोई व्यक्ति कम उम्र में अधिक सफलता हासिल कर लेता है, तब लोग उसे भाग्यशाली मानते हैं।
* किस्मत का हर दरवाजा बेहतर सेवा देने की सोच के साथ ही खुलता है। इसलिए जो लोग किसी कामयाब कम्पनी को बनाते हैं, वे पहले किसी दूसरी कंपनी के लिए काम कर चुके होते हैं, जहां उन्होंने कंपनी को शिखर पर पहुंचाने को शिखर पर पंहुचाने की कोशिश की थी।
* किस्मत आपके भीतर की बात है, जो एक तरह की दिमागी स्थिति है। यह आपके भीतर से शुरु होती है और धीरे-धीरे आपके कामों में झलकने लगती है।
* आपको अपनी किस्मत का दरवाजा खोलने के लिए बस एक नए आइडिया को खोजने की जरूरत होती है, जो दस प्रतिशत नया हो। फिर आप तेजी से दूसरों से आगे नकल जाएंगे।
* दौलत किसी को भी किस्मत से नहीं मिलती, बल्कि उन सपनों से पैदा होती है जिन्हें साहसी लोग अपने आत्मविश्वास के द्वारा हकीकत में बदलते हैं।
* इस दुनिया में कोई अमीर बन सकता है, लेकिन एक आइडिया आपकी किस्मत बदल सकता है।
* संकल्प की राहें अनजानी बाधाओं और कठिन चढ़ाइयों से भरी होती हैं, लेकिन इन्हें पार करने के लिए साहस और लगन की जरूरत होती है, फिर सम्भावनाएं उपलब्धियों में बदलती हैं और सपने हकीकत में।
(डायमंड बुक्स प्रा.लि., नई दिल्ली से प्रकाशित पुस्तक 'सीक्रेट ऑफ सक्सेस' से साभार)
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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