जीवन को जिएं दिल खोलकर

जोगिन्दर सिंह

नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। हमें ऐसी व्यवस्था का विकास करना चाहिए जिससे स्पष्ट, निश्चित और क्रमबद्ध निर्णय-विधि को अपनाया जा सके। यह रवैया इस चीज को निश्चित करता है कि हम किसी महत्वपूर्ण एवं जरूरी मौलिक चीज से नहीं चूकेंगे जो कि अच्छे निर्णय लेने में मददगार साबित हो सकते हों।

किसी महत्वपूर्ण पहलू का छूट जाना, किसी गलत या भयानक निर्णय का स्रोत हो सकता है। एक समय में यह महत्वपूर्ण है कि आप कोई निर्णय लें, बजाय न लेने के। हमारा रहना एवं हमारा जीवन, हमारी पसंद का योग है जिसे हम प्रतिदिन लेते हैं।

निर्णय लेना मुश्किल नहीं है, जब आप जानते हैं कि आपकी मान्यताएं क्या हैं एवं आप क्या हैं और आप क्या नहीं हैं यह जीवन के हर क्षेत्र में सत्य है चाहे दोस्त, बच्चों या जीवन साथी के साथ संबंध की बात हो या घूमने की। हमें जीवन को दिल खोलकर जीना चाहिए जिससे कि हमें आनंद मिल सकता है।

सच्चा एवं अच्छा अभिनंदन अनेक प्रतिक्रियाओं को प्रारम्भ करने का अच्छा तरीका है। आने का कार्य, सफाई एवं धन्यवाद का अभिनंदन ज्यादा महंगा नहीं है। यह एक भव्य एवं अच्छा तरीका है रिश्तों को बढ़ाने व मजबूत बनाकर उच्च स्तर तक ले जाने का।

हम अच्छे शब्दों का प्रयोग करते हैं जो अच्छी चीजें भी घटती हैं। जब हम दूसरों को खुश करते हैं तो हमें उससे भी ज्यादा खुशी होती है। जब आपको कोई कार्य दिया जाता है, तो आप अपनी उम्मीदों को जहां तक संभव हो उतना समझें। कम से कम आपको यह जानने की आवश्यकता है- 'क्या' और कब।

यह अच्छा है कि कार्य को पूरा करने का डेडलाइन दिया हो। लेकिन वास्तविक डेडलाइन, कार्य देने वाले एवं लेने वाले के बीच आपको सहमति से श्रेष्ठ होना चाहिए। एक डेडलाइन सारी चीजों को सारणी के अनुसार जिम्मेवार बनाता है। कार्य देने वाले को इस बात की जड़ में जाना चाहिए।

यह बात अकेले कार्य करने वाले या टीम पर छोड़ देना चाहिए, ताकि वह इस पर ध्यान दें। उसे सृजनात्मकता दिखाने, मुश्किलों को हल करने, एक अच्छे तरीके के साथ परिणाम तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। यह कार्यकर्ता की कुशलता को बढ़ाता है एवं भविष्य में उसे नेतृत्व करने को तैयार करता है।

यद्यपि ठीक उसी समय पर आपको कुछ व्यवस्था कार्यकर्ता के लिए रखनी चाहिए। यह चाहे तो फोन, ई मेल या लिखित रिपोर्ट के द्वारा पूर्वाधिकार समय पर हो सकता है। कार्य सुपुर्द करके कभी भी इसे भूलने की गलती डेडलाइन समय तक न करें। आपके पास बीच में पुनरावृत्ति के लिए समय होना चाहिए।

यदि कार्य अच्छे तरीके से किया गया हो तो सम्मान एवं स्वीकृति दिल से एवं प्रचुर कार्यकर्ता भी फीडबैक पसंद करेगा कि कैसे उसने कार्य किया है। यहां तक की सितारे कार्यकर्ता को भी सम्मान की जरूरत होती है कि वो इसी पर जीते हैं कि उनसे क्या उम्मीद की गई थी।

यदि किसी कारणवश कार्यकर्ता दिए हुए कार्य को पूरा नहीं कर पाता है तो उससे कह दें कि तुम सच्चाई पर टिके रहो, बजाय कि झूठा एवं बनावटी काम करो। एक अच्छे से किए गए काम से भी हर तरफ से प्रशंसा कमाता है एवं यह सफल व्यक्ति एवं संस्था के लिए हॉल मार्क होता है।

सीधा सच यह है कि यदि आपको ज्यादा काम करना है तो ज्यादा से ज्यादा सफल निष्पादन का राज है यद्यपि हम योग्य और मेहनती हो सकते हैं, परंतु हम सबकुछ नहीं कर सकते। सफल लोग, जीवन में दूसरे को काम सौंपने में कुशल होते हैं। काम सौंपने से कार्य को ज्यादा तेजी से एवं कम समय में एवं कम लागत से कराया जा सकता है, यदि सही तरीके से किया जाए।

यह कार्य सौंपने वाले के समय की बचत कराता है, जिसका उपयोग कहीं और और किसी अन्य महत्वपूर्ण कार्य करने में हो सकता है। यह कार्यकर्ता को भी अपनी क्षमता व विश्वास को बढ़ाने का मौका देता है। यद्यपि कार्य सौंपने से पूर्व कार्यकर्ता को यह साफ-साफ बता देना चाहिए कि क्या परिणाम और किस समयावधि में उससे उम्मीद की जा रही है।

उसे यह पूरी बात पूरी तरह बता देना चाहिए कि उसकी कार्य सीमा क्या है एवं वह किसकी मदद और दिशानिर्देश पर विश्वास कर सकता है, उसे यह भी बता देना चाहिए कि कब और कैसे उच्चायुक्त अधिकारियों को अपने कार्य में शामिल कर सकता है जिसे वह स्वयं नहीं कर सकता। लेकिन ठीक उसी समय पर कार्य देने वाले को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि दिखावे में कोई कार्य ऊपर की तरफ न प्रवाहित हो।

कार्य सौंपना अपने में काफी नहीं है। आवश्यक सामग्री, औजार और अधिकार भी कार्य को पूरा करने के लिए कार्यकर्ता को सौंपना चाहिए। जब तक कि हमारे पास काम को पूरा करने का सामान नहीं होगा, हम कार्य नहीं कर सकते।

जब आप कार्यकर्ता को चुन रहे होते हैं, आपको उसकी योग्यता व क्षमता पहले से पता होनी चाहिए। काम को करने के लिए सही इंसान का चयन श्रेष्ठ परिणाम पाने की दिशा में पहला कदम होता है। कार्य के सबसे समीप व्यक्ति को जब कार्य सौंपा जाता है तो वह अच्छे तरीके से कार्य करता है। उसे यह सबसे अच्छे तरीके से सूट करता है जैसा कि वो जमीनी स्तर पर उसे प्रतिदिन देख रहे हैं, उनके पास अच्छा ज्ञान होता है। यह कार्यस्थल के कार्य की तीव्रता को बढ़ाता है एवं बढ़ाने में सहायता करता है।

कार्य सौंपना तभी प्रभावकारी हो सकता है, यदि हम योग्य व्यक्ति से इसका मिलाप कर सकें जिसे आप कार्य सौंपना पसंद कर सकते हैं। कभी-कभी हो सकता है आपको ऐसे लोग जो कि पूर्ण कुशल हों नहीं मिलें, जिसे आप ढूंढ़ रहे हों। इस स्थिति में ऐसे आदमी का चयन कीजिए जो सर्वाधिक कुशल हो एवं तब तुल्य मिलाप करें।

यदि सुपुर्द कार्य एक टीम के द्वारा किया जाना है, तो भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि आप प्रत्येक सदस्य की क्षमता जाने एवं उनमें से कौन कार्य को स्वतंत्र रूप से कुछ कार्य संभाल सकता है एवं कहां उसे दिशा निर्देश की जरूरत है।

टीम को ठोस, नापने योग्य, स्पष्ट व करने योग्य उद्देश्य से अवगत करा देना चाहिए। आप जिसे कार्य सौंप रहे हें उसे आपकी उम्मीदों के बारे में बता देना चाहिए। इसका अच्छा परिणाम मिलेगा।

(लेखक सीबीआई के पूर्व निदेशक हैं। डायमंड बुक्स प्रा.लि. से प्रकाशित उनकी पुस्तक 'सफलता का जादू' से साभार)

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

**

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+