कीजिए पसंदीदा काम, बढ़ेगी कार्यक्षमता
डा. रमेश पोखरियाल 'निशंक'
नई दिल्ली, 24 दिसम्बर (आईएएनएस)। महर्षि दयानंद सरस्वती ने कहा है, "छोटे-से-छोटे अवसर के सदुपयोग के लिए अपनी बुद्धि भिड़ा देने से वही अवसर महान बन जाते हैं।" कुछ नया देखने, सीखने और करने की चाह छोटी उम्र में बहुत अधिक होती है। बच्चों की यह प्रवृत्ति उन्हें न सिर्फ बहुत कुछ सिखाती है, बल्कि निरंतर उनके व्यक्तित्व में भी सुधार लाती है। लेकिन बड़े होते-होते हम अपनी गतिविधियों को सीमित करने लगते हैं।
हम न सिर्फ परिवर्तन से डरते हैं, बल्कि जोखिम लेने से भी बचते हैं। नतीजा, हम धीरे-धीरे स्वयं को निश्चित जीवनशैली में कैद कर लेते हैं। लोग अपने निश्चित र्ढे या जीवनशैली में छोटा-सा परिवर्तन किए जाने से उत्पन्न तनाव से ही परेशान होकर कुछ अलग करने का विचार छोड़ देते हैं। अपनी पसंद और रुचियों से कुछ अलग करने की चाह और प्रयास आपकी कार्यक्षमता को तो बढ़ाता ही है, आत्मविश्वास और कार्यकुशलता में भी वृद्धि करता है। आइए जानें कि आप नया क्या कर सकते हैं।
नियमित सैर व योगाभ्यास :
सुबह आधा घंटा जल्दी उठकर सैर करने या व्यायाम व योगाभ्यास करने के लिए समय निकालें। सुबह की ताजा हवा में शारीरिक व्यायाम करने से शरीर स्वस्थ व ऊर्जावान रहता है, तथा इससे आपके सजग होते हुए भी नियमित घूमने का नियम नहीं बना पाते। सुबह पार्क में अनेक लोग सैर व योगाभ्यास आदि के लिए आते हैं। आपके द्वारा भी ऐसी दिनचर्या बनाने से एक और आपका सामाजिक दायरा बढ़ता है, स्वभाव में परिवर्तन आता है तथा नई चीजों को अपनाने की रुचि भी बढ़ती है।
अपनी रुचि व सपनों को समय दें
नई चुनौतियों के लिए प्रयास करना, नई गतिविधियों में भाग लेना व्यक्तित्व के विकास में सहायक होता है। आपकी सफलता अपने दायरे से हटकर उठाए गए छोटे से कदम से भी सम्बंध रखती है। ऐसे अनेक क्षेत्र हैं, जिनमें आप अपनी रचनात्मकता को आजमा सकते हैं। कुछ भी अलग से सीखने की प्रवृत्ति रखने की भावना न सिर्फ आपके स्वयं के आत्मविश्वास में वृद्धि करता है, बल्कि परिवार के सदस्यों, यहां तक कि बच्चों के मन में भी आपके प्रति सम्मान की भावना बढ़ाता है, पर आपको यह मानना होगा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती।
नए दोस्त बनाएं :
हमारे जीवन में दोस्तों की भूमिका अहम होती है। वे हमें सहयोग के साथ ही सोच व दृष्टि देते हैं। ऐसे लोग बहुत स्वस्थ व खुशमिजाज होते हैं जो स्वयं को दोस्तों व परिवार से जोड़ रखते हैं तथा उनके बीच स्वतंत्रता से अपने विचारों को अभिव्यक्त कर पाते हैं। बेशक आपके पुराने दोस्ता अमूल्य होते हैं, लेकिन समय के साथ नए दोस्त व संपर्क भी बनाएं।
नए मित्र बनाने के लिए व दूसरों को जानने के लिए निकालें। पारस्परिक व सामूहिक गतिविधियों में भाग लें, दूसरों को अपनी रुचिकर गतिविधियों में भाग लेने के लिए आमंत्रित करें। परंतु इसके लिए आवश्यक है कि आप खुले मन से क्रियाओं में भाग लें, तभी आप अपनी पसंद व नापसंद से उनकी तुलना कर सकेंगे और कुछ नया सीख सकेंगे।
इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों व कार्यो से जुड़े अन्य व्यक्तियों से पहचान बनाना, उनसे कुछ नया सीखने की कोशिश करना तथा इसी माहौल में से अपनी रुचि व पसंद के अनुरूप अपने नजदकी लोगों को चुनना और उनसे आत्मीय संबंध चुनना और उनसे आत्मीय संबंध बनाना जरूरी होता है। पर ऐसा करने के बाद भी मात्र मनोरंजन करना एकमात्र लक्ष्य नहीं होना चाहिए। विचारों की अभिव्यक्ति महत्वपूर्ण होती है, इसलिए सप्ताह का कोई एक दिन दोस्तों के लिए निश्चित करें।
स्वयं को प्रेरित करें :
हम सभी जीवन में कुछ न कुछ हासिल करना चाहते हैं, लेकिन हमारे पास इसके लिए आवश्यक प्रेरणा नहीं होती। ऐसे में वे लोग जो खुशियां और असफलता प्राप्त कर चुके हैं, हमारे प्रेरणास्रोत बन सकते हैं। इसके लिए अपना मूल्यांकन करने के लिए समय निकालें। किन कार्यो में आप कुशल हैं, क्या आपको नहीं आता, इन बातों का ख्याल रखते हुए अपनी रुचि, अपने विचारों आदि की सूची बनाएं। आपको स्वयं लगेगा कि यह प्रक्रिया आपको प्रेरित कर रही है। आप नया सीखन के लिए इच्छुक हो रहे हैं। हर दिन छोटी सफलता आपके आत्मविश्वास को बढ़ाती है।
संपूर्ण व्यक्तित्व में सुधार का प्रयत्न :
वर्तमान समय में सेल्फ-ग्रूमिंग के अनेक कोर्स चलाए जाते हैं, जिनमें व्यक्तित्व से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाती है। आपके बोलने का ढंग, आपकी सोच, दूसरों के साथ आपका व्यवहार, विचारों की अभिव्यक्ति, अच्छे एवं प्रभावी ढंग से बातचीत करने के तरीके, विभिन्न अवसरों पर आपका व्यवहार, कपड़े पहनने का अंदाज, आपकी शारीरिक मुद्रा आदि अनेक ऐसी जानकारियां वहां आपको जानने व सीखने को मिलती है।
इन सभी जरूरी बातों से आप स्वयं को अवगत रख सकते हैं। इससे निर्णय लेने व छोटे-छोटे जोखिमों का सामना करने की क्षमता बढ़ती है। अच्छी किताबें व पत्र-पत्रिकाएं पढ़ने से भी व्यक्तित्व में निखार आता है तथा विचारों को अभिव्यक्त करने की क्षमता बढ़ती है। साथ ही आप स्वयं को नवीनतम जानकारियों से पूरे तौर पर अवगत रख पाते हैं।
(लेखक उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री हैं। डायमंड पॉकेट बुक्स प्रा. लि., नई दिल्ली से प्रकाशित उनकी पुस्तक 'सफलता के अचूक मंत्र' से साभार)
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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