अमेठीवासियों के प्रति मायावती ने निकाली खुन्‍नस

Mayawati
लखनऊ। पूर्व राष्‍ट्रपति डा. एपीजे अब्‍दुल कलाम ने भारत के लिए एक सपना देखा था- मिशन 2020, यानी वर्ष 2020 तक देश के हर गांव को विकास की मुख्‍यधारा में जोड़ने का काम होना है। प्रोविजन ऑफ अर्बन एमिनिटीज इन रूरल एरियाज (पूरा) नाम की इस परियोजना के अंतर्गत गांवों का विकास होना है, लेकिन उत्‍तर प्रदेश में योजना के शुरू होने से पहले ही इस पर काले छा गए हैं। असल में मायावती अमेठी के गांवों का विकास चाहती ही नहीं हैं।

जी हां केंद्र सरकार की इस परियोजना के अंतर्गत जब विकास की धारा उत्‍तर प्रदेश पहुंची तो मायावती ने कांग्रेस के प्रति खुन्‍नस निकालने के लिए इस पर यह कहकर रोक लगा दी कि विकास अमेठी से ही क्‍यों शुरू हो रहा है। देखा जाए तो मायावती का यह कदम उन अमेठीवासियों के प्रति खुन्‍नस ही है, जो कई वर्षों से राहुल गांधी को सांसद चुनते आ रहे हैं।

खास बात यह है कि परियोजना की शुरुआत जिन गांवों से होनी है, वो सभी गांव नवनिर्मित जिले छत्रपति शाहूजी महाराज नगर (अमेठी) के अंतर्गत आते हैं। गांवों के विकास का ठेका कोलकाता की एक कंपनी को दिया गया है। देश के अन्‍य राज्‍यों में गांवों को लघुशहर में तब्‍दील करने का काम शुरू कर चुकी यह कंपनी उत्‍तर प्रदेश में बेबस महसूस कर रही है। क्‍योंकि माया सरकार ने कंपनी को अनापत्ति प्रमाण पत्र देने से इंकार कर दिया है।

हालांकि माया प्रशासन के एक अधिकारी का कहना है कि राज्‍य सरकार की ऐसी मंशा नहीं है कि यह परियोजना उत्‍तर प्रदेश में नहीं आये, सवाल सिर्फ इतना है कि आखिर यह अमेठी से ही क्‍यों शुरू हो। सरकार के इस लिखित जवाब से यह साफ है कि मायावती राहुल गांधी के वोटबैंक को मजबूत होते नहीं देख सकती हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+