कड़ी शर्तों के साथ जूलियन असांजे की रिहाई

समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक लंदन के उच्च न्यायालय ने असांजे को जमानत दी। न्यायालय ने उस अपील को खारिज कर दिया जिसमें असांजे को रिहा करने पर रोक लगाने की मांग की गई थी। समझा जा रहा है कि असांजे जमानत की कठिन शर्तो पर लंदन में ही रहेंगे। न्यायालय उनके प्रत्यर्पण से सम्बंधित सुनवाई 11 जनवरी को करेगा।
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असांजे को 200,000 पाउंड की जमानत राशि नकद जमा करनी है। इस राशि को मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और नामचीन हस्तियों ने जुटाई है। न्यायालय ने असांजे की जमानत की कड़ी शर्ते लगाई हैं। उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करने के साथ ही निगरानी के लिए एक इलैक्ट्रानिक टैग अपने साथ रखना होगा।
असांजे (39) को गत 7 दिसम्बर को यूरोपियन अरेस्ट वारंट जारी होने के बाद गिरफ्तार किया गया। स्वीडन में उनके खिलाफ दो महिलाओं के यौन शोषण का आरोप है। इस मामले में स्वीडन उनका प्रत्यर्पण चाहता है। असांजे के समर्थकों ने आरोपों को 'बदले की कार्रवाई' करार दिया है।
इस बीच समाचार पत्र 'न्यूयार्क टाइम्स' के मुताबिक अमेरिका असांजे द्वारा उसके कूटनीतिक दस्तावेज जारी करने पर उनके खिलाफ अभियोग चलाने की तैयारी कर रहा है। उल्लेखनीय है कि विकिलीक्स ने पिछले महीने अमेरिका के विदेश विभाग के 250,000 से अधिक गोपनीय कूटनीतिक केबल लीक किए थे।












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