प्रधानमंत्री 2 देशों के दौरे पर, व्यापार, आतंकवाद पर होगी चर्चा
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को बेल्जियम और जर्मनी की यात्रा पर रवाना होने से पूर्व कहा कि यूरोपीय संघ (ईयू)के नेताओं के साथ विचार-विमर्श के दौरान आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर मुख्य रूप से चर्चा होगी।प्रधानमंत्री की चार दिन की इस यात्रा के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार तथा भारत और 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक सम्बंध बढ़ाने पर मुख्य रूप से चर्चा होगी।
रवानगी से पूर्व जारी बयान में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत यूरोपीय संघ के साथ राजनीतिक एवं रणनीतिक सहयोग तथा जर्मनी के साथ द्विपक्षीय सम्बंध बढ़ाना चाहता है।प्रधानमंत्री सबसे पहले ब्रसेल्स जाएंगे जहां वे 11 वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर बैठक में हिस्सा लेंगे। इस शिखर सम्मेलन का आयोजन यूरोपीय संघ के अध्यक्ष हरमन वेन रूम्पी और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जोस मैनुअल बारसो ने संयुक्त रूप से किया है।
भारत और यूरोपीय संघ रणनीतिक भागीदार हैं। सालाना शिखर सम्मेलन और संयुक्त कार्ययोजना उनके बीच के सम्पर्क और विमर्श की झलक पेश करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, "यूरोपीय संघ के साथ हमारी भागीदारी आर्थिक और विकास में सहयोग से शुरू होकर व्यापक रणनीतिक सम्पर्क में बदली है।"
उन्होंने कहा कि भारत यूरोपीय संघ की वृहत भूमिका का स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच लोकतंत्र, बहुलवाद, सहिष्णुता, कानून का शासन, मूलभत मानवाधिकारों, प्रेस की स्वतंत्रता और न्यायालय की स्वतंत्रता के लिए सम्मान जैसे मूल्य एकसमान हैं।
वैश्विक मसलों पर हमारे विचारों में काफी समानता है। उन्होंने कहा कि वह आतंकवाद और सुरक्षा की गैर-परम्परागत चुनौतियों से निपटने सहित राजनीति एवं रणनीतिक सहयोग बढ़ाने के लिए प्रयास करेंगे।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को बेल्जियम और जर्मनी की यात्रा पर रवाना होने से पूर्व कहा कि यूरोपीय संघ (ईयू)के नेताओं के साथ विचार-विमर्श के दौरान आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर मुख्य रूप से चर्चा होगी।उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक सहयोगी और निवेश तथा प्रौद्योगिकी का महत्वपूर्ण स्रोत है।प्रधानमंत्री ने कहा, "व्यापक आधार वाले व्यापार एवं निवेश समझौते पर विचार-विमर्श जारी है और हमें उम्मीद है कि शिखर बैठक में इस पर प्रगति होगी।"उन्होंने कहा, "मैं बेल्जियम के प्रधानमंत्री येविस लेतरेम के आमंत्रण पर ब्रसेल्स में भारत और बेल्जियम शिखर बैठक में हिस्सा लूंगा।"
उन्होंने कहा, "हमारी बातचीत से हमें विविध प्रकार के व्यापार और उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्र सहयोग बढ़ाने के तरीके तलाशने में मदद मिलेगी।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल के निमंत्रण पर जर्मनी की यात्रा करूंगा। जर्मनी से हमारे सम्बंध मजबूत और बहुआयामी है।"
प्रधानमंत्री, जर्मनी के राष्ट्रपति क्रिश्चियन वुल्फ से भी मुलाकात करेंगे। सिंह ने कहा कि भारत और जर्मनी 2012-13 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य होंगे।उन्होंने कहा, "बेल्जियम और जर्मनी में मेरे विचार-विमर्श में वर्तमान दौर के प्रमुख क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मसलों की समीक्षा होगी। इनमें अफगानिस्तान की स्थिति, जलवायु परिवर्तन, वैश्विक वित्तीय स्थिति और सुधार की प्रक्रिया में जी-20 की भूमिका पर मुख्य रूप से चर्चा होगी।"












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