महिलाओं के लिए नीतीश बनें 'नेता नं.1'
बिहार में छह चरणों में संपन्न हुए चुनाव में महिलाओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया है। निर्वाचन आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं ने 54.85 फीसदी मतदान किया, जबकि पुरुषों ने 50.70 फीसदी मतदान किया। कुल 38 में से नौ जिले ऐसे रहे, जहां महिलाओं ने 60 फीसदी मतदान किया, जबकि अन्य 23 जिलों में महिलाओं ने पुरुषों से अधिक मतदान किया।
पटना की एक गृहणी विभा रानी ने कहा कि बिहार ने लंबे समय के बाद विकास देखा है। चुनाव बिना किसी के डर के संपन्न हुआ है। अब महिलाओं को देर रात तक तक काम करने में डर नहीं लगता है। हम लालू यादव की सरकार को दोबारा नहीं लाना चाहते। एक गैरसरकारी संगठन के साथ काम करने वाली 22 वर्षीय श्रुति ने कहा कि पहले मेरे माता पिता कभी मुझे यहां काम नहीं करने देते। मुझे अपना करियर बनाने के लिए महानगरों में जाना पड़ता। अब स्थिति यहां बेहतर है।
आम धारणा है कि नीतीश कुमार ने महिला सशक्तीकरण की तरफ ध्यान दिया है और वादा निभाया है। 42 वर्षीय संगीता ने कहा कि बिहार में पंचायतों में महिला को 50 फीसदी आरक्षण दिया गया है। शासन में पारदर्शिता आई है। तो शिक्षिका अरूणा का कहना हैं कि नीतीश सरकार ने गरीबों को शिक्षा की सुविधा दी है। परिवहन आसान बनाया है और दूर दराज के क्षेत्रों में भी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने विद्यार्थियों को किताब, पोशाक, आदि देकर प्रोत्साहित किया। सरकार ने छात्राओं को साइकिल भी दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में अब हर जगह अतिरिक्त प्राथमिक चिकित्सा केंद्र काम कर रहा है और इन केंद्रों पर चार-पांच डॉक्टरों और नर्सो का रहना अनिवार्य किया है। इन्हीं सब कारणों से नीतीश को महिलाओं का समर्थन मिला है।













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