खुद को अभिव्यक्त करता है प्रतिरोध
नई दिल्ली, 17 नवम्बर (आईएएनएस)। हमारे अंदर अपने बारे में ऐसे विचार होते हैं, जिन्हें हम प्रतिबंधों या बदलने के प्रति अनिच्छा के रूप में इस्तेमाल करते हैं। जैसे- हम अधिक बड़े, अधिक छोटे, अधिक मोटे, अधिक पतले, अधिक नाटे, अधिक लंबे, अधिक आलसी, अधिक मजबूत, अधिक कमजोर, अधिक मूर्ख, अधिक आकर्षक, अधिक गरीब, अधिक अयोग्य, अधिक तुच्छ, अधिक गंभीर, अधिक अवरुद्ध और शायद यह कुछ अधिक ही है।
देर करने की चालें :
हमारा प्रतिरोध अक्सर देर करने के तरीकों के रूप में खुद को अभिव्यक्त करता है। हम ऐसे बहाने बनाते हैं-मैं यह बात कर लूंगा, मैं अभी नहीं सोच सकता, मेरे पास अभी समय नहीं है, यह मेरी व्यस्तता में से काफी समय ले लेगा। हां, यह एक अच्छा विचार है। मैं कभी और इसे कर लूंगा। मेरे पास करने के लिए बहुत से दूसरे कार्य हैं। मैं कल इसके बारे में सोचूंगा। जैसे ही मैं.. से निवृत्त हो जाऊंगा, जैसे ही मैं इस यात्रा से लौट आऊंगा। यह समय सही नहीं है। बहुत देर हो चुकी है, या बहुत जल्दी हो रहा है।
प्रतिरोध का यह रूप किसी प्रकार के परिवर्तन को करने की आवश्यकता से इनकार को प्रदर्शित करता है जैसे- मेरे साथ कुछ भी गलत नहीं है। मैं इस समस्या के बारे में कुछ नहीं कर सकता। मैं पिछली बार बिलकुल ठीक था। बदलने से क्या अच्छा हो जाएगा? अगर मैं इसे अनदेखा कर दूं तो शायद यह समस्या खत्म हो जाए।
अब तक प्रतिरोध का सबसे बड़ा वर्ग है डर- अज्ञात का डर। इन्हें देखिए : मैं अभी तैयार नहीं हूं। मैं असफल हो सकता हूं। वे मुझे मना कर देंगे। पड़ोसी क्या सोचेंगे? मैं अपने पति/पत्नी को बताने से डरता/डरती हूं। मुझे चोट लग सकती है। मुझे बदलना पड़ सकता है। इससे मेरे पैसे खर्च हो सकते हैं।
मैं पहले मर जाना पसंद करूंगा, या पहले तलाक ले लूंगा। मैं नहीं चाहता कि किसी को मेरी समस्या के बारे में पता चले। मैं अपनी भावनाओं को व्यक्त करने से डरता हूं। मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता। मेरे पास इसके लिए ऊर्जा नहीं है। पता नहीं अंत में मेरे साथ क्या हो? मैं अपनी आजादी खो सकता हूं। यह करना बहुत कठिन हैं। मेरी पीठ में चोट लग सकती है। मैं ठीक से नहीं कर पाऊंगा, मैं अपने दोस्त को खो सकता हूं। मैं किसी पर भरोसा नहीं करता। इससे मेरी छवि खराब हो सकती है। मैं उतना अच्छा नहीं हूं।
इस सूची में और भी बहुत कुछ है। क्या आपको लगता है कि आप इसमें से किसी तरीके से अपना प्रतिरोध जताते हैं? इन उदाहरणों में प्रतिरोध देखें।
एक ग्राहक मेरे पास आई, क्योंकि वह काफी पीड़ा से गुजर रही थी। तीन अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में उसकी पीठ, गर्दन और उसका घुटना क्षतिग्रस्त हो चुका था। फिर भी वह लेट थी, खो गई और फिर ट्रैफिक में फंस गई।
उसके लिए अपनी समस्याएं मुझे बताना आसान था, लेकिन जिस समय मैंने कहा,'थोड़ी देर मुझे कुछ कहने दो,' हर प्रकार की परेशानी शुरू हो गई। उसके कांटेक्ट लेंस उसे तकलीफ देने लगे। वह किसी और कुर्सी पर बैठना चाहती थी। उसे बाथरूम जाना पड़ा। फिर उसे लेंस निकालने पड़े। सत्र के शेष समय में वह मुझ पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे पाई।
यह सब प्रतिरोध था। वह अपनी समस्या को समाप्त करने और उपचार के लिए तैयार नहीं था। मैंने पाया कि उसकी बहन की भी पीठ की हड्डी दो बार टूट चुकी थी, साथ ही उसकी मां की भी। एक और ग्राहक एक अभिनेता, एक कलाकार, स्ट्रीट परफॉर्मर था और काफी दक्ष था।
उसने शेखी बघारी कि वह दूसरों, खासकर संस्थानों को धोखा देने में कितना चतुर है। वह लगभग हर चीज उड़ाकर बचना जानता था, और फिर भी वह ऐसा कुछ नहीं कर पाया। वह हमेशा टूटा रहता था। कम-से-कम एक महीने का किराया बकाया हमेशा उस पर रहता था, अकसर उसके पास टेलीफोन नहीं होता था। उसके कपड़े फूहड़ थे, उसका काम बहुत अव्यवस्थित था, उसके शरीर में काफी पीड़ा थी और उसका जीवन प्रेममय नहीं था।
उसका सिद्धांत यह था कि वह तब तक धोखा देना बंद नहीं कर सकता, जब तक कि उसके जीवन में कुछ अच्छा न हो। निश्चित रूप से वह दुनिया को जो दे रहा था, उसके जीवन में कुछ अच्छा नहीं हो सकता था। उसे पहले धोखेबाजी बंद करनी थी। उसका प्रतिरोध यह था कि वह पुराने तरीकों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं था।
(प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'यू कैन हील योर लाइफ' से साभार)
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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