जीवन की दौड़ में बनें विजेता
जोगिंदर सिंह
नई दिल्ली, 10 नवंबर (आईएएनएस)। समाज में जीने के लिए हम सभी को कुछ नियमों एवं मान्यताओं की आवश्यकता होती है। यदि ऐसा नहीं है तो हम अपनी भावनाओं के हिसाब से चलते हैं, जो कि सर्वदा सही नहीं है। हर व्यक्ति की यही चाह होती है कि वह जिस क्षेत्र में चाहे उसमें एक मुकाम हासिल करे।
यह हमेशा आकर्षक होता है। इसे लगातार अभ्यास की क्षमता विकसित कर हासिल किया जा सकता है। हम जिस कार्य को बारम्बार करते हैं उसमें महारत हासिल हो ही जानी है। हम सभी अपने पसंदीदा क्षेत्र में महारत हासिल करने पर सर्वाधिक खुश होते हैं जो कि हमारे स्वाभिमान एवं आत्म-विश्वास को बढ़ाता भी है। वर्तमान में सर्वोत्तम प्रदर्शन करना हमें भविष्य में और अच्छा करने का मौका एवं साहस प्रदान करता है।
यह सब तभी संभव है, जब आप दिल एवं आत्मा से अपने कार्य का निष्पादन करें। आप जो कुछ भी करे उसमें महारत सुनिश्चित करें। नित्यप्रति की उपलब्धियों पर गर्व करें न कि इस बात का इन्तजार करें कि कोई आपकी तारीफ करे। इसको अपना लक्ष्य मानें एवं अपने सर्वोत्तम को और अच्छा करने का प्रयास सतत जारी रखें।
किसी भी ऐसी चीज को स्वीकार न करें जो लगभग पूर्ण या लगभग सही हो। ज्यादा करने की आदत डालें। कभी भी सर्वश्रेष्ठ से कम पर संतुष्ट मत हों। यदि आप सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे तो सर्वश्रेष्ठ पाएंगे। अपने आप को सवरेत्तम करने के योग्य बनाएं न कि बेमतलब के बहाने ढूंढ़ने के।
आपके अंदर जीत की इच्छाशक्ति एवं भूख होनी ही चाहिए। साथ ही क्षमताओं के पूर्ण उपयोग के लिए लगन भी होनी चाहिए। किसी भी क्षेत्र में महारत हासिल करने के लिए ये चीजें नितान्त आवश्यक हैं। जीवन का यह अजीब नियम है कि यदि सर्वश्रेष्ठ के अलावा कुछ भी नहीं स्वीकारेंगे तो अंतत: आप सर्वश्रेष्ठ को पा ही जाते हैं।
जो कभी भी प्रयास करने से हिचकिचाते नहीं हैं, उन्हें मंजिल अवश्य मिलती है। इस महारत को जोश एवं उत्साह के साथ जोड़कर अपने जीवन को बेहतरीन बना सकते हैं। जीवन का पुनरावलोक करें एवं जिस दिन आप सबसे ज्यादा खुश एवं संतुष्ट हों उस दिन के बारे में पड़ताल करें। यह दिन ऐसा नहीं होगा जब आप काफी आलसी रहे हों या सोकर गुजारा हो। उस दिन आपने संतुष्टि की चरम सीमा तक काम किया होगा।
आप क्या चाहते हैं या कौन-सा काम जानते हैं, यह अहमियत नहीं रखता, बल्कि महत्वपूर्ण यह है कि आप क्या करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि कुछ लोग महान ही पैदा होते हैं परंतु ऐसी बात नहीं है। यह अनुशासन के प्रति तीव्र इच्छा से प्राप्त होती है। महारत हासिल करना कोई एक बारगी प्रक्रिया नहीं वरन एक सामान्य अभ्यास है।
अपने जीवन के आदर्श उन्हें चुनें, जिन्होंने अपने जीवन में सफलता अर्जित की हो, ताकि आप उनसे प्रेरणा प्राप्त कर सकें। तब आपके जीवन में कभी भी अपना सर्वोत्तम देने का मलाल नहीं रहेगा। आप सफलता के सर्वोत्तम शिखर तक पहुंच सकते हैं। औरों के लिए जो सपना हो जो सुरक्षित न हो या फिर व्यावहारिक न हो, उसे साधने की हिम्मत रखने वाला सर्वोत्तम का अधिकारी है। यदि आप इस प्रकार के व्यक्ति हैं जो सभी को खुश करना चाहता है या फिर सबकी मान्यता से ही कुछ करना है तो निश्चय ही आप अपनी सफलता को दांव पर लगा रहे हैं।
आप जितने लोगों से मिलेंगे, उतने प्रकार की नसीहत आपको प्राप्त होगी। अपनी क्षमताओं के चरम तक कर्म करना सुखद फलदायक होता है। किसी भी कार्य का फल उस निमित्त किए गए प्रयासों के आनुपातिक होता है। अधूरे मन से किया गया प्रयास अधूरी सफलता ही लाता है। पूरे मन से किए गए प्रयास चमत्कारिक परिणाम ला सकते हैं जो हम में से कई के सपनों से काफी दूर होते हैं। हम जीवन के हर क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता के प्रयासों का तरीका अपना सकते हैं।
यदि हम अपने सपने से कुछ कम स्वीकार कर लेते हैं तो हम अपने आप एवं दूसरों को बेवकूफ बनाते हैं। आपको यह प्रण लेना होगा कि आप जो भी करेंगे उसे साथ ही साथ उच्चता की श्रेणी तक ले जाएंगे।
(लेखक सीबीआई के पूर्व निदेशक हैं। डायमंड बुक्स प्रा.लि. से प्रकाशित उनकी पुस्तक 'सफलता का जादू' से साभार)
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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