हाथी तस्करों का भंडाफोड़

हाथी तस्करों का भंडाफोड़
सुबीर भौमिक

बीबीसी संवाददाता, कोलकाता

पिछले पाँच वर्षों में 100 से ज़्यादा हाथियों की तस्करी हुईपूर्वोत्तर राज्य असम में पुलिस ने वन्यजीव संरक्षण कार्यकर्ताओं की मदद ने हाथियों की तस्करी करने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ किया है.पाँच हाथी व्यापारियों को गिरफ़्तार किया गया है और असम से बाहर ले जाए जा रहे कुछ हाथियों को तस्करों से छुड़ाया भी गया है.कोकराझार ज़िले के पुलिस अधीक्षक पीके दत्ता ने बताया कि भारत में हाथियों की ख़रीद-बिक्री ग़ैर क़ानूनी है. इसके बावजूद इनका व्यापार जारी है.

उन्होंने बताया कि पहले बिहार के रहने वाले कृष्णमोहन सिंह को पश्चिम बंगाल की सीमा से लगे श्रीरामपुर जाँच चौकी पर गिरफ़्तार किया गया था.पीके दत्ता के मुताबिक़ कृष्णमोहन सिंह के अपना अपराध स्वीकार करने के बाद और गिरफ़्तारियाँ हुईं और हाथियों को भी छुड़ाया गया.

उन्होंने बीबीसी के साथ बातचीत में कहा, "इस ग़ैर क़ानूनी व्यापारियों में से कुछ तो इतने दुस्साहसी थे कि उन्होंने अपना कॉलिंग कार्ड छपवाया था, जिसमें उन्होंने ये तक लिखा था कि वे हाथियों का व्यापार करते हैं. हमने इनमें से कुछ लोगों को गिरफ़्तार किया है और कुछ को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं. हम जानते हैं कि कमोबेश ये सभी लोग इस ग़ैर क़ानूनी व्यापार में शामिल हैं."पीके दत्ता ने बताया कि वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी सोसाइटी ग्रीन हार्ट नेचर ने इस गैंग का भंडाफोड़ करने में पुलिस की बहुत मदद की.

असम के कोकराझार ज़िले में स्थित ग्रीन हार्ट नेचर से जुड़े बबलू डे ने बताया कि उनकी संस्था ने इस गैंग की पड़ताल की और पुलिस को इस बारे में सतर्क किया. शुरुआती गिरफ़्तारी के बाद सूचनाएँ मिलीं और फिर आगे का रास्ता खुला.अगर दिशा-निर्देशों की बात करें तो प्रोजेक्ट एलिफ़ैंट के तहत सभी नवजात हाथियों में एक माइक्रोचिप लगाई जाती है. लेकिन श्रीरामपुर जाँच चौकी पर माइक्रोचिप रीडर नहीं था और इस कारण यहाँ से हाथियों को आसानी से ले जाया जा रहा था.

गिरफ़्तार हुए इन ग़ैर क़ानूनी व्यापारियों में से ज़्यादातर बिहार के लोग हैं. इनसे पूछताछ में असम पुलिस को ये पता चला है कि पिछले 15 से 20 वर्षों में हर साल औसतन 25-30 हाथियों को राज्य से बाहर ले जाया गया है.पिछले पाँच वर्षों की बात करें, तो 100 से ज़्यादा हाथियों को असम से बाहर ले जाया गया है.

पीके दत्ता ने बताया, "इन हाथियों को बिहार के सोनपुर जैसे मेले में बेचा जाता था और कुछ मामलों में तो ये नेपाल तक भेजे गए और वहाँ बेचे गए."माना जाता है कि एक हाथी 10 से 15 लाख रुपए में बिकता है जबकि हाथी के बच्चे की क़ीमत इसकी आधी है.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+