तमिल विद्रेही को 290 साल की कैद
कोलंबो। श्रीलंका की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा की हत्या के प्रयास की साजिश में शामिल एक तमिल विद्रोही को बुधवार को 290 साल की कैद की सुनाई। इस विस्फोट में 28 लोग मारे गए थे।
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि 30 वर्षीय साथियावेली इलांगेश्वेरन को कोलंबो में वर्ष 1999 में एक चुनावी रैली में आत्मघाती बम हमले के लिए विस्फोटक पदार्थ तस्करी करने का दोषी पाया गया है। रैली में हुए विस्फोट में कुमारतुंगा सहित 80 लोग जख्मी हुए थे।
अदालत में सुनवाई के दौरान बताया गया कि इलांगेश्वेरन को बम, आतंकवादी संगठन 'लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम' (लिट्टे) से मिले थे और उसने आत्मघाती हमलावर को एक मंदिर में ठहराया था। मंदिर के पुजारी और उसकी पत्नी व अन्य लोगों को भी साजिश में शामिल रहने के आरोप में हिरासत में रख गया है। उन्हें दोषी नहीं पाया गया है और उनका मामला अदालत में लंबित है।












Click it and Unblock the Notifications