शक के दायरे में आए लोग पद पर बने रहें?

राष्ट्रमंडल खेल संपन्न होने के अगले दिन ही इनमें बदइंतज़ामी और भ्रष्ट्राचार के आरोपों की जांच शुरु हो गई है.
प्रधानमंत्री ने शुंगलु कमेटी की जांच का काम सौंपा है. बीजेपी नेता सुधाशुं मित्तल के घर और आयोजन समिति पर आयकर विभाग ने छापा मारा है.
लेकिन शक के दायरे में आए ज़िम्मेदार लोग अब भी अपने पदों पर बने हुए हैं. निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए क्या उनसे इस्तीफ़ा ले लिया जाना चाहिए?
इसबार बीबीसी इंडिया बोल में यही विषय था...


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