न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त ने उद्घोषक की टिप्पणी पर खेद जताया (लीड-1)
विदेश मंत्रालय द्वारा इस मसले पर तलब किए जाने पर हॉलबोरो ने कहा, "ये टिप्पणियां सांस्कृतिक रूप से असंवेदनशील, अनुचित और अशोभनीय थीं।"
इस सप्ताह के आंरभ में न्यूजीलैंड के एक टीवी उद्घोषक पॉल हेनरी ने दीक्षित के नाम का आपत्तिजनक ढंग से उच्चारण किया था और भारतीयों के बारे में भी अशोभनीय टिप्पणियां की थीं।
हॉलबोरो ने कहा, "न्यूजीलैंड का उच्चायुक्त होने के नाते मैं उन टिप्पणियों के कारण पहुंची ठेस के लिए गहरा खेद व्यक्त करता हूं।" उन्होंने कहा कि वे सिर्फ एक मीडिया टीकाकार के विचार थे, वे यकीनन न्यूजीलैंड सरकार या जनता के विचार नहीं थे। उक्त उद्घोषक पर पहले भी अन्य नस्लभेदी और अस्वीकार्य टिप्पणियों की वजह से रोक लगती रही है।
इससे पहले विदेश मंत्रालय ने कहा कि शीला के खिलाफ टिप्पणी नस्लीय है जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता और इसकी सभी देशों को निंदा करनी चाहिए। विदेश मंत्रालय ने न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त के समक्ष अपना कड़ा ऐतराज जताया। हॉलबोरो ने मंत्रालय में सचिव (पूर्व) लता रेड्डी से मुलाकात की।
मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, "न्यूजीलैंड के उच्चायुक्त को इस बात से अवगत करा दिया गया है कि सरकार को टेलीविजन चैनल के उद्घोषक की नस्लीय टिप्पणी पर सख्त ऐतराज है।"
बयान में कहा गया है, "मुख्यधारा की मीडिया के एक प्रतिनिधि के संकुचित विचारों को इस तरह से प्रसारित करना हमारे लिए चौंकाने वाला रहा। इन टिप्पणियों को स्वीकार नहीं किया जा सका और इसकी सभी लोगों व देशों को निंदा करनी चाहिए।"
विदेश मंत्रालय का कहना है कि हॉलबोरो ने उद्घोषक की टिप्पणी पर गहर अफसोस जताया और इसे अनुचित करार देते हुए कहा कि ये न्यूजीलैंड सरकार के विचार नहीं हैं। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में शीला के योगदान की भी सराहना की। सूत्रों का कहना है कि न्यूजीलैंड में भारतीय उच्चायुक्त ने भी कीवी सरकार के समक्ष इस मसले को उठाया है।
उधर दीक्षित ने गुरुवार को कहा कि न्यूजीलैंड के टीवी उद्घोषक द्वारा उनके बारे में की गई अशिष्ट टिप्पणी अनुचित थी लेकिन इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
दीक्षित ने उक्त टिप्पणी पर सधी हुई प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा, "वह अनुचित थी..इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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