सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड सर्वोच्च न्यायालय जाएगा
इसकी घोषणा उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के प्रमुख जफर अहमद फारूकी ने लखनऊ में मंगलवार दोपहर बाद बोर्ड की एक बैठक के बाद की।
फारूकी ने संवाददाताओं से कहा, "आज बोर्ड की बैठक के बाद तय हुआ कि अयोध्या मामले में आए इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के निर्णय को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।"
इस दौरान उन्होंने कहा, "मैं ही बोर्ड का इकलौता प्रवक्ता हूं..मेरे अलावा कोई और इस संगठन की तरफ से कुछ भी बोलने के लिए अधिकृत नहीं है।"
सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की बैठक में बोर्ड के 13 में से 9 सदस्य शामिल हुए।
इससे पहले गत 30 सितंबर को रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मालिकाना हक पर आए इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के निर्णय के तत्काल बाद बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने सर्वोच्च न्यायालय जाने का ऐलान किया था।
उधर रविवार को मुस्लिम पक्ष के सबसे पुराने वादी हाशिम अंसारी ने अयोध्या में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत ज्ञानदास से मुलाकात करके सुलह कराने का प्रस्ताव दिया था।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने अयोध्या में विवादित जमीन का एक तिहाई हिस्सा हिंदू महासभा को, एक तिहाई हिस्सा निर्मोही अखाड़े को और बाकी एक तिहाई भाग सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को देने का फैसला सुनाया था। मालूम हो कि इस मामले पर कोर्ट ने 3 महीने का वक्त दिया है ताकि असंतुष्ट पक्ष सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर सके।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications