राजनीतिक चौसर पर राहुल से पहले शिवराज की चाल
भोपाल, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी बुंदेलखण्ड के हालात को लेकर हमेशा से मध्य प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा करते रहे हैं। वह एक बार फिर चार अक्टूबर को प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। चर्चा है कि राहुल इस बार पलायन तथा उड़द व तिल फसल की बर्बादी के मुद्दे पर सरकार को घेरेंगे।
शायद यही वजह है कि राहुल के दौरे से ठीक एक दिन पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुंदेलखण्ड का दौरा कर फसल की बर्बादी पर न केवल चिंता जताई, बल्कि अपरोक्ष रूप से केंद्र पर हमला कर बीज आपूर्तिकर्ता एजेंसी को आड़े हाथ लिया।
राहुल गांधी के दौरे का आशय बुंदेलखण्ड की समस्याओं को राष्ट्रीय मंच पर लाना रहा है। उनके उठाए सवालों का जवाब देने में प्रदेश सरकार को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इस इलाके में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में हुई गड़बड़ी का मामला किसी से छुपा नहीं है। टीकमगढ़ जिले में हुईं गड़बड़ियों का खुलासा भी केंद्र के दल ने किया था और उसी के बाद प्रदेश सरकार को एक भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के अलावा कई पर कार्रवाई करनी पड़ी थी।
सोमवार को राहुल का दौरा टीकमगढ़ से शुरू हो रहा है। इस दौरान उड़द एवं तिल की फसल चौपट होने का मामला उठने के आसार हैं।
प्रदेश सरकार भी फसल चौपट होने की स्थिति से बाकिफ है और यही कारण है कि मुख्यमंत्री चौहान ने बुंदेलखंड के छतरपुर जिले के घिनौची गांव में खेतों में घूमकर फसल की बर्बादी पर चिंता जताई। इतना ही नहीं, उन्होंने बीज आपूर्तिकर्ता एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए। राहुल के दौरे से एक दिन पहले शिवराज के घिनौची गांव के दौरे को राजनीतिक हलकों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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