न्यायाधीशों को कलंकित न कीजिए : पाकिस्तानी सर्वोच्च न्यायालय
इस्लामाबाद, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने अदालती फैसलों पर 'बेबुनियाद और अनुचित टिप्पणियां' किए जाने पर चेतावनी दी है लेकिन संतुलित भाषा में की गई ऐसी टिप्पणियों का स्वागत किया है जिनसे न्यायाधीश की निष्ठा और तटस्थता पर संदेह न जाहिर होता हो।
न्यायालय की ओर से जारी इस असामान्य बयान में कहा गया है, "न्यायाधीश की निष्ठा या तटस्थता पर संदेह किए बगैर अच्छी भावना के साथ और संतुलित भाषा में फैसलों पर की जाने वाली स्वस्थ, रचनात्मक और तटस्थ टिप्पणियों का इस न्यायालय ने सदैव स्वागत करता है और अपेक्षा करता है कि बेबुनियाद और अनुचित टिप्पणियों से बचा जाना चाहिए क्योंकि फैसले कानून और संविधान पर आधारित होते हैं।"
समाचार पत्र डॉन ने यह बयान प्रकाशित किया है। सर्वोच्च न्यायालय श्रम एवं कामगार मंत्री सैयद खुर्शीद शाह के विवादास्पद बयान में प्रतिक्रिया जाहिर कर रहा था। बाद में सरकार के सूचना प्रकोष्ठ ने बयान वापस ले लिया।
मंत्री ने चीनी के दामों और नौकरशाहों की पदोन्नति से संबद्ध फैसलों का हवाला देते हुए कथित तौर पर न्यायपालिका पर अपने अधिकारों का अतिक्रमण करने और फैसलों में दखलंदाजी करने का आरोप लगाया था।
बयान में कहा गया है, "सर्वोच्च न्यायालय संविधान का पालन कर रहा है और संविधान एवं कानून द्वारा सौंपी गई भूमिका का निर्वहन कर रहा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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