अहिंसा से ही कायम रहेगी भारत की गरिमा : निशंक

मुजफ्फरनगर, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री डा़ रमेश पोखरियाल निशंक ने शनिवार को कहा कि अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही भारत की गरिमा बनी रह सकती है।

यहां के शहीद स्मारक पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में निशंक ने दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने कहा कि बापू और शास्त्री जी के साथ ही आज के दिन हमें उत्तराखण्ड के उन शहीदों को भी याद करना चाहिए, जिनकी कुर्बानी की बदौलत हम आजाद हुए।

निशंक ने कहा कि उत्तराखण्ड भारत के राज्यों में अपनी नई पहचान के साथ विश्व के मानचित्र पर बड़ी तेजी से उभरा है। इसकी सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहर को संजोए रखना हमारी पहली प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को राजनीतिक दृष्टि से भारत का भाल बनाने में यहां के लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। भारत मां के माथे को ऊंचा उठाने के लिए प्रदेश के लोगों ने उत्तराखण्ड की मांग की, ताकि क्षेत्र से पलायन रुक सके।

निशंक ने 2 अक्टूबर 1994 की हिंसात्मक घटना को स्मरण करते हुए कहा, "उन क्षणों को याद करने मात्र से शरीर में सिहरन सी दौड़ जाती है। उस दौरान आम लोगों द्वारा किए गए सराहनीय कार्यो एवं सहायता के लिए मैं उनका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।"

उत्तराखंड के विकास के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड ने मात्र 10 वर्षो में अपनी अलग पहचान बनाई है और स्वच्छ पर्यावरण की दृष्टि से इसे प्रथम स्थान पाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि 13वें वित्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट में उत्तराखण्ड को प्रथम स्थान देकर यहां के लोगों का मान बढ़ाया है।

राज्य में बाढ़ के प्रकोप से होने वाली क्षति का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि तमाम प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

राज्य को मिली वित्तीय सहायता के लिए उन्होंने खासतौर से राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील व प्रधानमंत्री डा़ मनमोहन सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी ओर से की गई पहल वास्तव में सराहनीय कदम है।

उन्होंने बताया कि हालांकि उत्तराखण्ड में 2100 करोड़ से अधिक की क्षति हुई है, जिसमें 1250 हजार किमी सड़कों के साथ विद्युत उपकेंद्र एवं फसलों की बर्बादी हुई है। ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से 500 करोड़ रुपये का अनुदान एक अच्छी पहल है।

डा़ निशंक ने उत्तराखण्ड शहीद स्मारक के विकास एवं सौन्दर्यीकरण के लिए अलग से अनुदान दिए जाने की बात दोहराते हुए कहा कि यह स्मारक इस ओर से गुजरने वाले सैलानियों के लिए उत्तराखण्ड की पहचान बनकर उभरे।

निशंक ने बाद में संस्कृति विभाग द्वारा संचालित संग्रहालय एवं पुस्तकालय का भी उद्घाटन किया।

अतिथि भवन में निशंक ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए उत्तराखण्ड को देश का मुकुट बताया और हरित प्रदेश के रूप में इसकी पहचान बनने का दावा किया।

इस अवसर पर मुजफ्फरनगर के विधायक अशोक कंसल ने 10 वर्ष पूर्व हुए रामपुर तिराहा कांड की चर्चा करते हुए कहा कि तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार के इशारे पर यह वीभत्स घटना हुई थी।

कार्यक्रम के दौरान पालिका अध्यक्ष कपिल देव अग्रवाल ने निहत्थे लोगों पर जुल्म को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि उत्तराखण्ड की सरकार यहां के लोगों को भी अपने यहां नौकरी दे दे तो यहां के लोग सरकार के ऋणी रहेंगे।

सभा को कैबिनेट मंत्री विजया बड़थ्वाल ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अपनी कौम एवं प्रदेश की खातिर जिनकी शहादत हुई, उनके बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+