अन्य ग्रहों पर खनिज पदार्थो की खोज करनी होगी : कलाम
टोरंटो, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत के पूर्व राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ने कहा कि खनिज पदार्थो और धातुओं की भूखी दुनिया की वजह प्राकृतिक संसाधनों के खत्म होने का खतरा पैदा हो गया है। लिहाजा वैज्ञानिकों को इन पदार्थो का अन्य ग्रहों पर तलाश शुरू करनी चाहिए।
'कनाडा-भारत माइनिंग एण्ड मेटल्स फोरम' द्वारा 'माइनिंग एण्ड मैटेरियल्स रियलाइजेशन एड टू द स्ट्रेंथ ऑफ द नेशन्स' विषय पर यहां आयोजित एक व्याख्यान में कलाम बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि दुनिया में अनवीनकृत ऊर्जा की खपत तेजी से हो रही है और खनिज संसाधन मानव जीवन के लिए एक बड़ी चुनौती होंगे।
कलाम ने कहा, "इस स्थिति से निपटने में कोई अकेला देश सक्षम नहीं होगा। मानवता को बचाने के मकसद से विलवीकरण प्रक्रिया के जरिए सौर ऊर्जा और समुद्र से पीने योग्य पानी हासिल करने व अन्य ग्रहों से खनिज पदार्थ लाने के लिए एक बड़ी मुहिम की जरूरत है।"
उन्होंने कहा, "दूसरे ग्रहों से खनिजों को प्राप्त करने की प्रक्रिया में नई खोजें, दूर संवेदन आधारित अनुसंधान, निकासी, खनन अभियान, रोबोटिक्स और परिवहन प्रणाली शामिल है।"
पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि खनन क्षेत्र में कनाडा दुनिया का नेता है और दुनिया से आगे चलने के लिए भारत को तैयारी करनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "कई देशों के संघ बनाकर ऐसे चुनौतियों से बखूबी निपटा जा सकेगा।"
कलाम ने कहा, "भारत वर्ष 2011-12 तक अपने इस्पात उत्पादन को बढ़ाकर 12.40 करोड़ टन करने की योजना बना रहा है।"
उन्होंने कहा, "इसे हासिल करने और खनन और धातुओं के क्षेत्र में भारत को कनाडा के ज्ञान और विशेषज्ञों के मदद की जरूरत है।"
कलाम का कहना था कि उनका सपना है कि मिश्रित धातुओं(लौह व अलौह) के क्षेत्र में उच्च प्रौद्योगिकी इंजीनियरिंग के मकसद से अनुसंधान और विकास, उत्पादन व वैश्विक विपणन के लिए भारत-कनाडा एक अनोखा संयुक्त कार्यक्रम चलाएं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications