कंधमाल दंगों में 8 को 3 वर्ष की कैद
फूलबनी स्थित जिला मुख्यालय की त्वरित अदालत-प्रथम के न्यायाधीश सोवन कुमार दास ने 15 सितम्बर, 2008 को दारिंगबाड़ी में नाबा बलियार सिंह के घर को जलाने में भूमिका साबित होने पर आठ लोगों को सजा सुनाई।
अदालत ने उनमें से प्रत्येक को 1,000 रुपये जुर्माने के तौर पर देने को भी कहा। बचाव पक्ष के वकील अजित पटनायक ने आईएएनएस को फोन पर बताया कि अदालत ने हालांकि अन्य 18 आरोपियों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया।
भुनेश्वर से लगभग 200 किलोमीटर दूर कंधमाल जिले में 23 अगस्त, 2008 को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) नेता स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती एवं उनके चार सहयोगियों की उनके आश्रम में हत्या कर दिए जाने के बाद व्यापक हिंसा भड़की थी।
हिंसा के दौरान कम से कम 38 लोग मारे गए थे और 25,000 से अधिक लोगों को घर छोड़ना पड़ा था। सरस्वती की हत्या के लिए ईसाइयों को जिम्मेदार मानते हुए उग्र भीड़ ने उनके घरों पर हमलाकर दिया था, हालांकि पुलिस ने सरस्वती की हत्या के लिए नक्सलियों को जिम्मेदार ठहराया। उल्लेखनीय है कि फूलबनी कंधमाल का जिला मुख्यालय है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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