महिला कैब सेवा के लिए नहीं मिल रहा बैंकों से कर्ज
नई दिल्ली, 19 सितम्बर (आईएएनएस)। वर्ष 2007 में मुंबई के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से महिलाओं के लिए कैब सेवा शुरू करने वालीं रेवाती सिद्धार्थ राय अपनी सेवा जारी रखने के लिए संघर्ष कर रही हैं। राय को अपनी सेवा जारी रखने के लिए कर्ज की जरूरत है लेकिन बैंकों और लघु ऋण संस्थानों ने उन्हें कर्ज देने से इंकार कर दिया है।
महिला कर्मचारियों द्वारा केवल महिला यात्रियों के लिए संचालित की जा रही इस कैब सेवा को खासी लोकप्रियता मिली थी। रेवाती इस सेवा को दिल्ली और मुंबई में संचालित कर रही हैं।
रेवाती ने आईएएनएस से कहा, "बैंक ने मुझे कर्ज देने से इंकार कर दिया क्योंकि टैक्सी ड्राइवर के तौर पर काम कर रही महिलाएं गरीबी रेखा से नीचे हैं। बैंक का कहना है कि इस काम में लगी महिलाएं आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं।"
उन्होंने कहा, "हम ऐसी स्थिति में पहुंच गए है जहां और विकास संभव नहीं है। हम और लड़कियों को प्रशिक्षण देने की हालत में नहीं हैं।"
रेवाती मुंबई के सेंट जेवियर कॉलेज से स्नातक है और टोरंटो से इकनॉमिक्स में पीएचडी हैं।
उन्होंने कहा, "मैंने पहली टैक्सी लीज पर ली थी और बाद में कैब सेवा शुरू करने के लिए कई वाहन खरीदे।"
वर्ष 2009 में उन्होंने दिल्ली में 30 टैक्सियों के साथ सेवा शुरू की। रेवाती ने महिलाओं को ड्राइविंग का प्रशिक्षण दिया।
उन्होंने कहा, "मैंने ऐसा उद्यम स्थापित किया है जो अपने आप में स्थायित्व प्राप्त कर सकता है। मैंने सभी बैंकों से मदद मांगी लेकिन उन्होंने मेरी मांग अस्वीकार कर दी।"
रेवाती को महिलाओं के लिए टैक्सी सेवा का विचार ब्रिटेन की 'पिंक लेडीज' और मॉस्को की 'पिंक टैक्सीज' से आया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications